संयम और एकजुटता से ही कोरोना को हराया जा सकता है- ज्ञानेन्द्र रावत

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ज्ञानेन्द्र रावत

आजकल कहा जा रहा है कि कोरोना के टैस्ट कम हो रहे हैं, इसलिए कोरोना संक्रमितों की तादाद कम दिखाई दे रही है। बात भी सही है भाई, यदि एक लाख टैस्ट रोजाना हों, जो मौजूदा हालात में संभव नहीं लगता, और यदि संभव भी हो तो 135 करोड़ की आबादी वाले देश भारत में देश की आबादी के आखिरी आदमी का नम्बर आने में कितने साल लगेंगे, इसका अंदाजा लगाते ही दिल की धड़कन बढ़ जाती है।

कहते हैं कि जिस हिसाब से हमारे देश की आबादी बढ़ रही है और सरकार आबादी की बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने में नाकाम दिख रही है,उस हिसाब से विशेषज्ञों और अनुमान के मुताबिक आने वाले 15 सालों में हमारा देश आबादी के मामले में पहले नम्बर पर रहने वाले चीन को पछाड़ कर अगली पंक्ति में पहुंच जायेगा। इस बात को हमारे कारकुरान और देश के कर्णधार नहीं सोच रहे। पता नहीं यह बात उनके दिमाग में कब आयेगी।

मौजूदा हालात में तो आबादी के आखिरी आदमी को कोरोना टैस्ट के लिए एक लाख टैस्ट रोजाना हों तो उसका नम्बर तकरीब 37 साल बाद आयेगा। और अगर 10 लाख कोरोना टैस्ट रोजाना होते हैं, उस दशा में आखिरी आदमी का नम्बर पौने चार साल बाद आयेगा। जाहिर है उस समय हमारे देश की आबादी का आंकड़ा दो अरब के करीब जा पहुंचेगा। इस बीच कोरोना कितनों को निपटा चुका होगा, कभी इस ओर भी सोचा है।

इसलिए देशवासियो अब भी समय है, चेत जाओ, सरकार की मुश्किल मत बढ़ाओ और अपनी जिंदगी से मत खेलो। आपने कभी यह सोचा है कि यदि आप शहीद हो गये, वैसे कोरोना से मरने वालों को शहीद का दर्जा मिलने वाला भी नहीं है। उस हालत में तुम्हारे को कौन देखेगा। कुछ लाख जो सरकार से मिलेंगे, उनसे जिंदगी तो नहीं कटेगी।

इसलिए अब भी वक्त है, संभल जाओ, सरकार की बात मानो, कुछ दिन की परेशानी बरदाश्त कर लो, घर पर ही रहो, एक दूसरे से ना मिलो, ना हाथ मिलाओ, बार -बार साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोओ। एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखें। अगर खांसी, बुखार आदि है तो डाक्टर की सलाह लो। लॉकडाउन का पालन करो।

यह मानकर चलिए कि कोरोना महामारी से जल्दी छुटकारा नहीं मिलने वाला। डब्ल्यूएचओ भी इसका संकेत दे चुका है। इसलिए भाइयो-बहनो जरूरी है कि आप देश, समाज और धर्म की सेवा तभी करने में समर्थ हो सकते हैं, जबकि आप बचेंगे। आप बचेंगे तभी आपका परिवार सुरक्षित रह पायेगा। इसलिए किसी के बहकावे में ना आयें। मेरी आप सभी से यह विनती है कि आप इस बाबत सभी को यह बतायें कि संकट की इस घड़ी में देश, हम सब तभी बच पायेंगे, जब हम सब देशवासी एकजुट हो इस महामारी का मुकाबला करेंगे।

संकट के समय हमने समय समय पर यह करके दिखाया भी है। हमारे माननीय प्रधानमन्त्री जी भी बार बार आपसे यही अनुरोध कर रहे हैं कि हम सभी मिलकर इस महामारी को भगाने में कामयाब हो सकते हैं, पहले भी हुए हैं और इस बार भी कामयाब होंगे। दुनिया ने हमारी एकता का लोहा माना है और आप सब पूर्व की भांति इस बार भी ऐसा कर इतिहास बनाने में समर्थ होंगे। यही आपसे आशा और विश्वास है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और पर्यावरणविद हैं।)

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