भारत ने फिर जीता एक और खिताब, ग्लोबल टीचर प्राइज में सत्यम और मेघना ने रचा इतिहास

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    Global Teacher Prize 2021 : दुनियाभर में भारत ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड कायम किया है। 10 लाख डॉलर यानी करीब 7 करोड़ 35 लाख रुपये के ग्लोबल टीचर प्राइज 2021 (Global Teacher Prize 2021) के लिए गुरुवार को भारत के दो शिक्षकों ने नाम घोषित किए गए।

    ग्लोबल टीचर प्राइज 2021 के लिए चुने के 50 शिक्षकों की सूची में बिहार के भागलपुर के गणित के शिक्षक सत्यम मिश्रा और हैदराबाद में सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी और गणित की शिक्षिका मेघना मुसुनुरी का नाम भी शामिल किया गया है।

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    भारत का नाम रोशन

    बता दें, 10 लाख डॉलर के वैश्विक शिक्षक पुरस्कार (Global Teacher Prize 2021) का आयोजन वर्की फाउंडेशन (Varkey Foundation) यूनेस्को (UNESCO) के साथ मिलकर सम्मिलित रूप से करता है। इस प्राइज के लिए 121 देशों से 8,000 से अधिक नाम दर्ज हुए थे।

    इस बारे में वर्की फाउंडेशन (Varkey Foundation) के संस्थापक सन्नी वर्की ने बताया, ”केवल शिक्षा को प्राथमिकता देकर ही हम अपने कल को सुरक्षित कर सकते हैं। शिक्षा विश्वास के साथ भविष्य का सामना करने की कुंजी है।”

    भारत का नाम दुनिया में उजागर करने वाले बिहार भागलपुर के सत्यम मिश्रा ने दुनिया को देखने के बच्चों के तरीके में परिवर्तन के संकल्प और बच्चों में गणित (Maths) को सिर्फ विषय समझकर नहीं बल्कि रूचि के साथ पढ़ने और बनाने के लिए गुणा के आसान फॉर्मूलों की तकनीक से इस सूची में अपनी जगह बनाई।

    साथ ही भारत के विद्वानों की सूची ने अपना नाम दर्ज कराने वाली मेघना मुसुनुरी को शिक्षा के बारे में भविष्यवादी, परोपकारी और जुनूनी उद्यमी बताया जाता है। मेघना फाउंटेनहेड ग्लोबल स्कूल एंड जूनियर कॉलेज की संस्थापक एवं चेयरपर्सन हैं।

    महिलाओं को ऑनलाइन शिक्षा

    इसके अलावा मेघना उद्यमी महिलाओं को ऑनलाइन शिक्षा देने उनका मार्गदर्शन करने वाली, गूगल की संस्था ” वीमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑन द वेब” (WEOW) की हैदराबाद शाखा की भी अध्यक्षा भी हैं।

    जानकारी देते हुए यूनेस्को में शिक्षा के लिए सहायक महानिदेशक स्टेफेनिया गियानिनी ने कहा, ”अगर हमें कोविड-19 के मद्देनजर एक बेहतर दुनिया का पुन: निर्माण करना है तो हमें हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का पैदायशी अधिकार देने को प्राथमिकता देनी होगी।”

    वहीं चेगडॉटओआरजी की प्रमुख लीला थॉमस ने कहा, ”कोविड के इस दौर में कैफ, आयुष, सीमा और विपिन जैसे छात्रों ने बड़ी बाधाओं के बावजूद पढ़ाई करते रहने और बेहतर भविष्य के लिए लड़ते रहने का बड़ा साहस दिखाया है।”

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    इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी । आज के वक्त की आवाज सोशल मीडिया के महत्व को समझते हुए ही ऑनलाईन न्यूज़ वेब चैनल/पोर्टल को उन्होंने आरंभ किया। दीपक कुमार शर्मा की शैक्षणिक योग्यता B. A,(राजनीति शास्त्र),MBA (मार्किटिंग), एवं वे मानव अधिकार (Human Rights) से भी स्नातकोत्तर हैं। दीपक शर्मा लेखन के क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय हैं। लेखन के साथ साथ वे समाजसेवा व राजनीति में भी सक्रिय रहे। मौजूदा समय में वे सिर्फ पत्रकारिता व समाजसेवी के तौर पर कार्य कर रहे हैं। अतुल्यलोकतंत्र मीडिया का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सरोकारों से परिपूर्ण पत्रकारिता है व उस दिशा में यह मीडिया हाउस कार्य कर रहा है। वैसे भविष्य को लेकर अतुल्यलोकतंत्र की कई योजनाएं हैं।

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