विकास के लिए विज्ञान आवश्यक : ज्ञानेंद्र रावत

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हमीरपुर/अतुल्यलोकतंत्र: गत दिवस राजा हम्मीर देव की जन्म स्थली हमीरपुर जनपद के राजकीय इंटर कालेज के प्रांगण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वावधान में विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन प्रदेश की विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री नीलिमा कटियार ने किया।
इस अवसर पर पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र रावत ने कहा कि विज्ञान महोत्सव का आयोजन सराहनीय ही नहीं प्रशंसनीय कार्य है। यह छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक अभिरूचि की वृद्धि में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करते हैं। इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद बधाई की पात्र है।
प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं द्वारा महान वैज्ञानिकों के अविष्कारों से सम्बन्धित प्रस्तुत माडल, उनके जीवन चरित और समाचार पत्रों में समय समय पर प्रकाशित उनके अनुभवों-विचारों को जिस प्रकार प्रदर्शित किया है, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाये वह कम है।
आज विज्ञान महोत्सव के अवसर पर पर्यावरण कार्यकर्ता के नाते मेरा आपसे कहना है कि विकास के लिए विज्ञान आवश्यक है लेकिन इसके साथ साथ प्राकृतिक संतुलन और मानवीय मूल्यों व पर्यावरण की रक्षा बेहद जरूरी है। लेकिन आज विकास के नाम पर प्रकृति प्रदत्त संसाधनों का अंधाधुंध शोषण, भौतिक सुख संसाधनों की अंधी चाहत और पाश्चात्य सभ्यता के अंधानुकरण ने जिस भयावह स्थिति तक पर्यावरण विनाश किया है, उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। यह मानव सभ्यता के लिए खतरनाक संकेत है। इसका दुष्परिणाम नदी, जल, वायु प्रदूषण और वन संपदा के विनाश के रूप में हमारे सामने है। आज प्रदूषण के चलते मानव जीवन खतरे में है। यदि इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वह दिन दूर नहीं जब मानव सभ्यता का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा। इसलिए मंच पर आसीन माननीय मंत्री महोदया से अनुरोध है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास को प्राथमिकता न दी जाये। यदि यह नीति नहीं बदली गयी तो विनाश अवश्यंभावी है।

इस अवसर पर नासा के वैज्ञानिक रहे प्रख्यात पर्यावरणविद डा. एस. मुरलीधर राव ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज कार्बन उत्सर्जन सबसे बड़ी समस्या है। इससे उपजी ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के खतरे कम भयावह नहीं हैं। मौसम का बदलाव इसी का परिचायक है। कार्बन उत्सर्जन कम करना इस दिशा में जरूरी कदम होगा। इसमें स्मोकलेस चूल्हा बेहद उपयोगी रहेगा। इसमें धुंआ भी नहीं होगा और लकड़ी जलने से बनी राख खेती में पैदावार बढ़ाने में सहायक होगी।

महोत्सव में मुख्य अतिथि विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री श्रीमती नीलिमा कटियार ने विज्ञान महोत्सव के आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा की और इसके लिए आयोजक का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंत्री महोदया ने बच्चों में विज्ञान के प्रति बढ़ती रूचि को देश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इस हेतु किए जाने वाले सरकारी प्रयासों की सिलसिलेवार जानकारी भी दी। अंत में उन्होंने पर्यावरणविद द्वय डा. राव व श्री रावत को सम्मानित किया और उनके सुझावों हेतु धन्यवाद देते हुए कहा कि यह मेरे लिए उपयोगी साबित होंगे।
महोत्सव में जिला उद्यान अधिकारी उमेश कुमार उत्तम, भाजपा जिलाध्यक्ष संत विलास शिवहरे,विज्ञान केन्द्र समन्वयक व शिक्षाविद डा. ज्ञानेन्द्र द्विवेदी , शिक्षाविद डा. देव सिंह आदि प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने संबोधित किया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न कालेजों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं, प्राचार्य, शिक्षाविद, समाजसेवी संस्थानों के प्रमुखों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय थी ।

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