आजादी की रक्षा हम सबका दायित्व है: ज्ञानेन्द्र रावत

ग़ाज़ियाबाद/अतुल्य लोकतंत्र : आज देश की स्वतंत्रता की 73 वीं वर्षगाँठ के अवसर पर इंदिरा पुरम स्थित अभय खण्ड तीन में तिरंगा चौक पर स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर बैंड बाजों के साथ सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने रमाकांत सिंह, राजेन्द्र रौतेला, भास्कर सिंह व दिनेश यादव के नेतृत्व में राष्ट्र ध्वज लहराते हुए मार्च निकाला। इसके उपरांत तिरंगा चौक पर वायु सेना के अवकाश प्राप्त अधिकारी ग्रुप कैप्टन पी एन बर्थवाल ,अवकाश प्राप्त कैप्टन हरक सिंह अधिकारी, प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक एवं समकालीन चौथी दुनिया के प्रधान संपादक श्री प्रवीन चौहान व जाने माने समाजसेवी विचारक अश्विनी सिंह व भगवान सिंह ने ध्वजारोहण कर स्वाधीनता दिवस समारोह की शुरूआत की।

समारोह के प्रारंभ में आल रैजिडेंट्स वैलफेयर ऐसोसिएशन की ओर से रामाकांत सिंह, वी. एन. सारस्वत, जायस मैथ्यू, और कमल लखेड़ा ने अतिथियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह में हाई स्कूल की वर्ष 2019 की परीक्षा में जनपद में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा कुमारी दीक्षा नौटियाल व सृष्टि सिंह को सम्मानित किया गया। इसके उपरांत राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति द्वारा पर्यावरण की रक्षा की दिशा में वृक्षारोपण कर गाजियाबाद जनपद में ही नहीं, बल्कि समीपस्थ जिलों में अपना अमूल्य योगदान देने वाले पर्यावरण प्रहरियों सर्वश्री जयश्री सिन्हा,अनुभा जैन, शैली अग्रवाल,अनिला रामपुरिया, सुषमा भल्ला, कल्याणी सक्सेना, रिचा सहाय, कुमारी स्मृति अनुपम, प्रशांत सिन्हा, आशुतोष मित्तल, एम. एस. रावत, राजीव कुमार,सुधीर गुप्ता व अवधेश तिवारी को सम्मानित किया गया और अतिथियों के अलावा स्थानीय पार्षद मीना भंडारी व प्रमुख समाजसेवी विमला रावत, वी. एन. सारस्वत, जायस मैथ्यू, भगवान सिंह, चंदन गोसाईं, राजेंद्र रौतेला, रामाकांत सिंह व समिति महासचिव श्रीमती नीतू सिंह तोमर ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किये।
समारोह के दौरान जिले की समाजसेवी और पर्यावरण रक्षार्थ कार्यरत संस्थाओं की ओर से पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत को उनकी पर्यावरण रक्षा और पर्यावरण जन जागरण हेतु की गयी सेवाओं के लिए और
रामाकांत सिंह को क्षेत्र में समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह का संचालन करते हुए पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत ने कहा कि आज का दिन हमें देश की आजादी की ख़ातिर हजारों हजार आठ से चौदह साल की उम्र के मां भारती के उन नौनिहालों जिन्होंने तिरंगे झंडे को बरतानिया हुकूमत की रेजिडेंसियों, उनके अफसरों के कार्यालयों पर फहराने के चलते गोलियों से उड़ा दिया गया और आजादी का सपना लिए शहीद क्रांतिकारियों के बलिदानों को याद करने का दिन है। इसलिए इस आजादी को अक्षुण्ण रखना हम सभी देशवासियों का दायित्व है भले इसके लिए हमें स्वयं को होम ही क्यों न करना पड़े। समाजसेवी और विचारक चंदन गोसांईं ने अपने सम्बोधन में आजादी के आंदोलन और उसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, यह उसी आंदोलन का प्रतिफल है।
अपने प्रमुख संबोधन में श्री प्रवीन चौहान ने आजादी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिन मूल्यों औरआदर्शों के लिए हमारे नेताओं ने अपना बलिदान दिया, दुख है कि आज वे तिरोहित होते जा रहे हैं। हमें उनकी स्थापना के लिए आगे आना होगा। वर्तमान में पर्यावरण प्रदूषण हमारी ही नहीं समूचे विश्व की समस्या है।

यदि पर्यावरण नहीं बचा तो मानव जीवन की कल्पना बेमानी है। पर्यावरण प्रहरियों के पर्यावरणीय जुनून की जितनी प्रशंसा की जाये वह कम है। इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं और उन छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं जिन्होंने हाई स्कूल परीक्षा में 95 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। वह भविष्य में उत्तरोत्तर प्रगति करें,यही आशा करता हूं। आयोजन की सफलता हेतु भाई रावत जी, भाई आर के सिंह ,आदरणीय सारस्वत जी और उनकी समस्त टीम बधाई की पात्र है।

स्वाधीनता समारोह में समाजसेवी सी एम शर्मा, इंद्र सिंह राणा, वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव, राधाकांत मिश्रा, प्रदीप तोमर, कमांडर डी के सिंह, भूपेन्द्र कुमार, खजान पंत, बहादुर सिंह, शैलेंद्र देव, डा. मोहित मित्तल, हरीश कराकोटी, जे पी वर्मा, बाबू खान, राजेन्द्र सिंह ग्लोबल, संजय सिंह, उमेश पासबान, इकरामुद्दीन, सुनील बाबू, रमेश रावत, मनोज राय, गगनदीप सिंह, नरचर प्लानेट, प्रयास एक आशा, 100 करोड़ ट्री अभियान, नन्हें कदम नामक सामाजिक स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं के अलावा सैकड़ों की संख्या में समीपस्थ सोसाइटी के गणमान्य लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय थी।

अंत में समारोह के संयोजक आर के सिंह ने सभी अतिथियों, आगंतुकों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। समारोह के समापन के उपरांत पर्यावरण प्रहरियों ने समीप की सोसाइटी में वृक्षारोपण किया जिसमें अतिथियों सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

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