बाल कल्याण परिषद नूंह ने किया ऑनलाइन प्रतिभा निखार वर्कशॉप एवं प्रतियोगिताओं की शुरुआत

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ऑनलाइन प्रतिभा निखार वर्कशॉप एवं प्रतियोगिताओं  के माध्यम से बच्चों में बढ़ेगा मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक, विकास: उपायुक्त

नूंह। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की जिला शाखा नूंह मानद महासचिव श्री प्रवीण अत्री जी के कुशल नेतृत्व वह जिला बाल कल्याण परिषद नूंह के जिला उपायुक्त एवं अध्यक्ष श्री शक्ति सिंह के आदेशानुसार बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन योग कक्षाओं का शुभारंभ किया है जिसमें सुबह 6:00 से 7:00 बजे तक  कक्षा वह दूसरी योग कक्षा सुबह 7:00 से 8:00 तक वह सांयकालीन  कक्षा 4:00 से 5:00 तक और 5:00 से 6:00 तक रहेगी इसमें जिले के कोई भी बच्चें गूगल लिंक के माध्यम से जुड़ कर योग कक्षाओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता के गुण वह योग कर सकते हैं। और www.childwelfarenuh.com पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मो . 8285170000 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं इसी कड़ी में जिला बाल कल्याण अधिकारी कमलेश शास्त्री ने बाल कल्याण परिषद नूंह द्वारा बच्चों को  रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ साथ कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी दी जा रही है।  शास्त्री ने बताया कि योग के प्रशिक्षक  राष्ट्रीय लेवल के योग चैंपियन है । डॉ रमेश योगाचार्य के सानिध्य में योगिनी निशा व योगी धीरज झा अध्यात्म योग संस्थान के योग प्रशिक्षक हैं जो वालंटियर के तौर पर निशुल्क योगा कक्षाएं गूगल मीट के माध्यम से लेंगे । वैसे तो कोरोना संक्रमण से बचाव का एकमात्र उपाय सावधानी रखते हुए कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करना है। ऐसे में खांसने, छींकने के सही तरीके अपनाना, बार-बार हाथ धोना तथा आपस में दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

अध्यात्म योग संस्थान दिल्ली की ट्रेनर निशा ने बताया कि मानव शरीर में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पूरा दिन गर्म पानी पिएं। प्रतिदिन आधा घंटा योगासन, प्राणायाम व ध्यान करें। हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का नियमित रूप से भोजन में प्रयोग करें।  दूध के साथ च्यवनप्राश रोजाना ले सकते हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्घि होती है।

कमलेश शास्त्री जिला बाल कल्याण अधिकारी ने बताया कि तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ व मुनक्का से बनी हर्बल चाय या काढ़ा दिन में दो बार ले सकते हैं। इसमें स्वादानुसार नींबू का रस या गुड़ मिलाया जा सकता है। एक गिलास दूध को गर्म करके आधा चम्मच हल्दी का चूर्ण दिन में एक या दो बार ले सकते है। तिल या नारियल तेल को मुंह में लेकर तीन मिनट तक घुमाकर कुल्ले की तरह थूक दें। बाद में गर्म पानी से कुल्ला कर लें। इनके अतिरिक्त खांसी या गले में खराश होने पर दिन में कम से कम एक बार पुदीने के पत्ते या अजवायन डालकर पानी की भाप लें। लौंग के चूर्ण में गुड़ या शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार लें। गले में खुश्की या खराश  दूर करने के लिए अजवाइन के पत्तों की भाप भी ली जा सकती है।

आम जन को अधिक से अधिक उन घरेलू उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है जिनसे उत्तम स्वास्थ्य को पाया जा सकता है ।

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