गदपुरी टोल शुरू होने को लेकर हुई महापंचायत बेनतीजा रही

पलवल (अतुल्य लोकतंत्र ) मुकेश बघेल/ दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर फरीदा4ााद-पलवल के बीच लगाए जा रहे गदपुरी टोल को हटाने की मांग को लेकर रविवार को सात घंटे चली महापंचायत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। महापंचायत पहले फैसले का पालन करते हुए आगे भी धरना जारी रखेगी। जिला प्रशासन व एनएचएआइ ने टोल को जबरदस्ती चलाने का यदि प्रयास किया तो उस दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना से सरकार व प्रशासन पूरी तरह से जिममेदार होगा। महापंचायत की अध्यक्षता करतार सिंह जेलदार ने की। संचालन टोल हटाओ संघर्ष समिति के संयोजक रतन सिंह सौरोत ने किया।

रविवार को टोल बेरियर पर हुई पंचायत में अपना फैसला जाहिर करते हुए एनएचएआइ की शर्तों को मानने से इंकार कर दिया। टोल चलाना है तो ग्रामीणों की बात माननी होगी। और पंचायत के पूर्व फैसलों पर अमल करना होगा। संयोजक रतन सिंह सौरोत ने फैसले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि टोल चलाने से पहले एनएचएआइ तथा कयूब कंपनी को पहले गदपुरी ग्राम पंचायत की अवैध कबजा की हुई जमीन को खाली करना होगा। इसके अलावा अधिगृहण करने के बाद पहले मुुआजवा देना होगा। साथ ही दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर सिकसलेन निर्माण की सारी शर्तोंं को पूरा करना होगा। इसके लिए सर्व प्रथम बल्लभगढ़ में रेलवे लाइन के ऊपर बने पुल को सिकस लेन बनाना, पलवल में चार लेन बनाए गए एलीवेटिड पुल का निर्माण सिकस लेन करना, बघौला, मुंडकटी, औरंगाबाद, बंचारी में पुल का निर्माण करने के अलावा आरोही स्कूल के बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अंडर पास या फिर पुल निर्माण करना होगा। उसके बाद ही टोल चलाने की अनुमति दी जाएगी।

महापंचायत को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि टोल चलाने वाली कंपनी व रिलायंस के हाथों की सरकार के मंत्री, विधायक व अधिकारी कठपुतली बने हुए हैं। बिना जमीन अधिग्रहण किए जिस तरह से ग्राम पंचायत गदपुरी की जमीन पर अवैध कबजा किया गया है, उसे हटवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन इस इलाके की जनता को कमजोर समझने की भूल न करें। यदि प्रशासन ने सरकार व कंपनी के दबाव में टोल चलाने का प्रयास किया तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने पुलिस व प्रशासन के अधिकाििरयों को चेेतवनी दी कि यदि टोल पर धरने पर बैठे लोगों को धमकाने व डराने का प्रयास किया तो उनका भी इलाज किया जाएगा।

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