हे भगवान! क्या मां ऐसी भी हो सकती है:जिसे 9 महीने कोख में पाला, उसी बेटी को अपनाने से इंकार कर दिया, बाल संरक्षण विभाग को सौंपी गई नवजात

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मां तो भगवान का दूसरा रूप होती है, लेकिन एक मां ऐसी भी हो सकती है, कोई यकीन नहीं कर पाएगा। 9 महीने कोख में रखकर जिसे दुनिया में ले आई, उसी को अपनाने से इंकार कर दिया। परिजन कहते हैं कि हम बच्ची को पाल नहीं सकते, इसलिए उसे बाल संरक्षण विभाग को सौंप दिया।

मामला हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव बरसीन का है। झलनियां रोड के बीच प्लास्टिक के बैग में गत 23 अप्रैल को एक नवजात बच्ची मिली थी। लेकिन इस बच्ची काे जन्म देने वाली किशोरी व उसके परिजनों ने उसे जिला बाल संरक्षण विभाग को सौंप दिया है, जिसके बाद बच्ची काे गाेद दिया जाएगा।

पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरी से दुराचार किया गया था, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई। आरोपी पीड़िता की बुआ का बेटा राजस्थान में बीकानेर पुलिस में बतौर कांस्टेबल कार्यरत है। अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है, लेकिन बच्ची जरूर इस दुनिया में आ गई।

बच्ची को जन्म देने वाली नाबालिग लड़की व उसके परिजनों ने जिला बाल संरक्षण विभाग को बयान दर्ज कराए हैं कि वह बच्ची का पालन-पोषण करने में असमर्थ हैं। इसलिए इस नवजात बच्ची को जिला बाल संरक्षण विभाग को सरेंडर करना चाहते हैं। यह सुनने के बाद विभाग ने सहमति जता दी।

नागरिक अस्पताल के एसएमओ राजेश चौधरी ने जिला बाल संरक्षण विभाग को पत्र लिखा है कि बच्ची की हालत बिल्कुल ठीक है। लेकिन एक मां ऐसा कैसे कर सकती है। जो कुछ भी हुआ, उसमें इस बच्ची का क्या कसूर था? दुनिया में लाए हो तो अपनाना भी होगा, लेकिन इंसानियत कहां से लेकर आएं।

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