चोरी करने वालों पर लिया जाएगा कड़ा संज्ञान, पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई : उपायुक्त कृष्ण कुमार

पलवल ( अतुल्य लोकतंत्र ) मुकेश बघेल • उपायुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि रेल मंत्रालय भारत सरकार ने लगभग 3 हजार 350 रूट किलोमीटर को कवर करते हुए माल ढुलाई के लिए समर्पित भारी हॉल डबल लाइन विद्युतीकृत रेलवे ट्रैक बनाने की योजना बनाई है। पहले चरण में दो कॉरिडोर ले लिए गए हैं। पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) कोलकाता से लुधियाना तक और मुंबई से दादरी तक वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) परियोजना यानी सीटीपी-14 (रेवाड़ी से दादरी तक) दादरी जंक्शन पर दोनों गलियारों को जोड़ती है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को डिलीवरी द्वारा एक प्रतिष्ठित परियोजना के रूप में पहचाना गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय में निगरानी इकाई और पीएमओ में आवधिक बैठकों के माध्यम से नियमित रूप से इस परियोजना की निगरानी की जा रही है। प्रत्येक राज्य में नामित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठकों के माध्यम से डीएफसीसीआईएल ने रेवाड़ी से दादरी के बीच डीएफसी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए मैसर्स सोजित्ज (जापान)-एलएंडटी (भारत) को अनुबंध प्रदान किया है। एलएंडटी फॉर्मेशन, ब्रिज, ट्रैक का निर्माण कर रहे हैं और लगभग 100 किलोमीटर ट्रैक बिछा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पृथला-फरीदाबाद खंड में नवनिर्मित डीएफसीसीआईएल ट्रैक पर चोरी का बहुत ही गंभीर मामला संज्ञान में आया है।
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि चोरी के मामलों की निरंतर रिपोर्टिंग न केवल एलएंडटी को वित्तीय नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि एक जोखिमों के साथ गंभीर सुरक्षा मुद्दा भी है। उन्होंने कहा कि चूंकि ट्रैक का निर्माण पूरी तरह से शुरू हो गया है, इसलिए एलएंडटी द्वारा किए जा रहे निर्माण आरबीवीएस (रेल बाउंड वाहन) अर्थात एनटीसी (नया ट्रैक निर्माण), मार्क वीआई टैम्पर, वैगन हॉपर, लोकोमोटिव आदि 24 घंटे सातों दिन चल रहे हैं। इसलिए किसी के दुर्घटना की संभावना हो सकती है। फिश प्लेट्स, इलास्टिक रेल क्लिप्स की चोरी के कारण किसी भी आरबीवी के पटरी से उतरने से नवनिर्मित डीएफसीसीआईएल ट्रैक के साथ-साथ ट्रैक पर काम करने वाले व्यक्तियों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि डीएफएफसीआईएल ट्रैक असावटी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली मथुरा भारतीय रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रहा है, रेलवे फ्लाईओवर पर पटरी से उतरने या खींचने से आईआर ट्रैक को भी गम्भीर नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही साइट पर जाते समय या साइट से वापस आते समय कुछ बदमाश रेक पर चढऩे के दौरान लूज फिटिंग, लकड़ी के बैटन आदि को बाहर निकालने की कोशिश भी करते हैं, जोकि उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि अब ट्रैक बिछाने का कार्य प्रगति पर है। इसलिए किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए किसी को भी डीएफसीसीआईएल ट्रैक का अतिक्रमण नहीं किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में डीएफसीसीआईएल द्वारा जारी जारी अधिसूचना के बाद में ठेकेदार ने इस संबंध में कई सावधानियां बरती गई हैं। इसमें रेलवे के ट्रॉयल के अनुसार कीमैन की दैनिक गश्त बढ़ाई गई है। अलग-अलग चोरी संभावित क्षेत्रों में गनमैन के साथ 1-2 स्थिर सुरक्षा व्यक्ति की तैनाती भी की गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक मशीनों के आगे 24 घंटे सातों दिन पायलट मोटर ट्रॉली की तैनाती और इसमें दो बंदूकधारी भी तैनात किए गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर सभी सावधानी बरती जाएंगी। इसलिए उन्होंने असावटी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे फ्लाईओवर पर भारतीय रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के कार्य को प्राथमिकता के साथ लेने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार की हरकतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। दोषी पाए गए व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाई अमल में लाई जाएगी।

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