पोषण माह के दौरान जिला में स्थापित की जाएंगी 1500 से अधिक पोषण वाटिकाएं

गुरुग्राम ( अतुल्य लोकतंत्र ): मुकेश बघेल/ महिलाओं को स्वास्थ्य व सही खानपान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान विभाग द्वारा जिला के 1500 पोषण वाटिकाएं/किचन वाटिका स्थापित की जाएगी, जिनमें फलदार व औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा , जिला के आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायतों तथा अलग-अलग स्थानों पर पोषण वाटिकाए स्थापित करने के लिए जगह का चयन किया गया है। राष्ट्रीय पोषण माह को लेकर स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से महिलाओं को स्वस्थ रहने व बच्चों के सही पोषण के बारे में जागरूक किया जाएगा।

पोषण माह के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग प्रकार की गतिविधियां जैसे स्कूलों में शिक्षण संस्थानों में सेमिनार, प्रतियोगिताएं आयोजित करवाए जाएंगी।

अतिरिक्त उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा सितंबर माह में आयोजित होने वाले पोषण माह के लिए एक विशेष योजना तैयार की गई है। योजनानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला में संचालित प्रत्येक 5 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक पोषण वाटिका स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में वर्तमान में 1033 आंगनवाड़ी केंद्र है। इस प्रकार , आंगनवाड़ी केंद्रों के आस पास 200 से अधिक पोषण वाटिकाए स्थापित की जाएंगी। इन पोषण वाटिका में कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से हर्बल प्लांट जैसे आंवला ,अर्जुन की छाल, फल व सब्जियां ऑर्गेनिक तरीके से लगाई जाएंगी ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों में खाने के लिए सब्जियां वहीं आसपास से ही उपलब्ध हो सके।
इन पोषण वाटिकाओं में औषधीय व फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र उनके आसपास के पांच घरों में इन वाटिकाओं को स्थापित करने का काम करेगा। इन वाटिकाओं को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य अपने घरो व आस पास के क्षेत्रों में औषधीय व फलदार पौधे लगाकर इनका स्वास्थ्य लाभ उठाना है। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ पंचायतों तथा अन्य स्थानों पर जगह की उपलब्धता अनुसार ये पोषण वाटिकाएं स्थापित की जाएगी।

पोषण वाटिकाओं को स्थापित करने के साथ-साथ पोषण अभियान के दौरान महिलाओं को पोषण से संबंधित शपथ भी दिलाई जाएगी। इसी प्रकार से महिला संगोष्ठियों व नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर महिलाओं को स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया जाएगा। पोषण अभियान के दौरान महिलाओं को नवजात बच्चों के स्वास्थ्य व टीकाकरण के बारे में जागरूक किया जाएगा और इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चिकित्सा जांच शिविरों में बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच करवाई जाएगी।

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