हरियाणा सरकार का अनूठा प्रयास, 2021-22 के सेशन सिलेबस में योग भी होगा शामिल

Chandigarh/Atulya Loktantra News: हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में नए शिक्षण सत्र यानि 1 अप्रैल 2021 से पाठ्यक्रम में योग का विषय भी शामिल होगा। योग को एक अलग विषय के रूप में शामिल करने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। इसका उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही योग करने की आदत को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह फैसला बीते दिन हरियाणा योग परिषद की बैठक में चर्चा के बाद लिया गया। हालांकि दूसरी ओर इस संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि योग को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य हो सकता है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हरियाणा योग परिषद की बैठक हुई। बैठक में योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए हरियाणा के ब्रांड एंबेसडर योगगुरु बाबा रामदेव भी शामिल हुए। इस दौरान कई अन्य फैसले भी लिए गए। बैठक में बताया गया कि नैतिक शिक्षा के अलावा छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2016-17 से योग पढ़ाया जा रहा है। अब एक कदम और बढ़ाते हुए योग को स्कूली पाठ्यक्रम में अनिवार्य या वैकल्पिक विषय बनाने का निर्णय लिया गया है।

स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में और अधिक योग और व्यामशालाएं स्थापित की जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन केंद्रों पर योग का अभ्यास करें और स्वस्थ रहें। योग गुरु बाबा राम देव ने आगामी शैक्षणिक सत्र से योग को एक अलग विषय के रूप में स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए हरियाणा सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 6500 गांवों में योग कक्षाएं आयोजित की जानी चाहिए और लोगों को अपने जीवन में योग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

इस पर मनोहर लाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योग को जमीनी स्तर पर ले जाना और लोगों को योग को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। योग और व्यायामशालाओं के अलावा ग्रामीण स्तर पर पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने विकास एवं पंचायत विभाग को राज्य में 1000 अतिरिक्त योगशालाओं की स्थापना के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

इस प्रयास को सिरे चढ़ाने के लिए प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक समिति का गठन किया है। योग विषय पाठ्यक्रम को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि इसमें शारीरिक शिक्षा की तर्ज पर थ्योरिटिकल और प्रैक्टिकल दोनों विषय सामग्री सम्मिलित होगी ताकि शिक्षा के अलावा छात्रों को योग का प्रशिक्षण भी दिया जा सके।

इस दौरान सीएम मनोहर लाल ने आयुष विभाग को राज्य सरकार की योजना के तहत योगशालाओं में वैलनैस केंद्रों की स्थापना के लिए प्राथमिकता आधार पर कार्य करने और इन केंद्रों में की जाने वाली गतिविधियों को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि दवाइयों पर लोगों की निर्भरता कम हो सके।

हर महीने के प्रथम रविवार को योग प्रशिक्षण दिवस
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लोगों को योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित के लिए हरियाणा योग परिषद के तत्वावधान में हर महीने के पहले रविवार को योग प्रशिक्षण दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें प्रशिक्षित शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक (पीटीआई) और शारीरिक शिक्षा में डिग्री धारक (डीपीई) लोगों को योग प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

1000 आयुष योग सहायकों की भर्ती प्रक्रिया जारी
1000 आयुष योग सहायकों और 22 आयुष योग प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पूरी हो जाएगी। राज्य में योग को लोकप्रिय बनाने के लिए अनुबंध आधार पर 1000 आयुष योग सहायकों की भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। राज्य भर में विभिन्न योगशालाओं के लिए 22 आयुष योग कोचों की भर्ती की जानी है। 250 नई योग एवं व्यायामशालाओं का निर्माण किया जा चुका है।

योग संबंधी कानून पर भी चल रहा है काम
हरियाणा योग आयोग के लिए प्रस्तावित अधिनियम पर काम चल रहा है और इसे राज्य मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद हरियाणा विधानसभा के अगले सत्र में लाया जाएगा।

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