गुरूग्राम में द्वारका एक्सप्रेस वे के साथ में लगभग 1002 एकड़ भूमि पर ग्लोबल सिटी होगी विकसित

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गुरुग्राम/अतुल्यलोकतंत्र : गुरूग्राम में द्वारका एक्सप्रेस वे के साथ में लगभग 1002 एकड़ भूमि पर ग्लोबल सिटी विकसित की जाएगी। इस ग्लोबल सिटी का प्रावधान गुड़गांव मानेसर अर्बन काॅम्पलैक्स 2031 में करने के लिए इसकी फाईनल डिपवलेपमेंट प्लान में संशोधन किया जा रहा है।

संशोधन के प्रस्ताव को आज उपायुक्त अमित खत्री की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय क्लीयरेंस कमेटी की बैठक में स्वीकृत कर दिया गया है। यह बैठक उपायुक्त श्री खत्री के कार्यालय में आयोजित की गई थी। बैठक में स्वीकृति के साथ ही डिवलेपमेंट प्लान में संशोधन की पहली कड़ी पार हो गई है और अब इसे मंजूरी के लिए जिला प्लानिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा, जिसके अध्यक्ष उपायुक्त श्री खत्री ही हैं लेकिन इसके सदस्यों में स्थानीय मंत्री, सांसद, विधायक भी शामिल हैं। वहां से मंजूरी मिलने के बाद संशोधन के इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास अनुमति प्रदान करने के लिए भेजा जाएगा।
ग्लोबल सिटी विकसित करने के लिए गुरूग्राम द्वारका एक्सप्रेस वे के साथ लगते सैक्टर-36, 36बी, 37 तथा 37बी में स्थित 1002.45 एकड़ भूमि चिन्ह्ति की गई है। यह भूमि पहले उद्योग विभाग द्वारा उद्योगों के लिए अधिग्रहित की गई थी। डिवलेपमेंट प्लान में संशोधन करके ग्लोबल सिटी बनाई जाएगी, जो एक स्पेशल जाॅन होगा और इसमें मिश्रित लैंड यूज रहेगा, जिसमें रीक्रिएशनल तथा एंटरटेनमेंट, रैजीडेंशियल, ओपन स्पेस, पब्लिक युटिलिटिज, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन आदि के लिए भूमि का प्रयोग किया जा सकेगा। इस ग्लोबल सिटी में 300 प्रतिशत एफएआर का प्रावधान करने का प्रस्ताव भी किया गया है। इससे पहले इस भूमि पर केवल उद्योग ही लगाए जा सकते थे। संशोधन का यह प्रस्ताव गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा किया गया है।
जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि एचएसआईआईडीसी से अनुरोध प्राप्त होने के बाद जीएमडीए द्वारा इस भूमि के लैंड यूज में बदलाव का प्रस्ताव आपत्तियां और सुझाव प्राप्त करने केे लिए पब्लिक नोटिस के जरिए 18 अक्तुबर 2018 से पब्लिक डोमेन में डाला गया था। इसमें गुड़गांव मानेसर अर्बन काॅम्पलैक्स 2031 के फाईनल डिवलेंपमेंट प्लान में प्रस्तावित संशोधन को भी दर्शाया गया था। इस पब्लिक नोटिस पर 4 व्यक्तियों अथवा कंपनियों से सुझाव प्राप्त हुए थे, जिनको विशलेषण और टिप्पणी के लिए एचएसआईआईडीसी तथा शहरी स्थानीय निकाय के पास भेजा गया था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 300 प्रतिशत एफएआर तथा मिश्रित लैंड यूज के साथ ग्लोबल सिटी विकसित करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई थी। एचएसआईआईडीसी ने भी इसे न्यायोचित माना है।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, वरिष्ठ नगर योजनाकार सुधीर चैहान, डीटीपी आर एस बाट के अलावा दक्षिण हरियाणा वितरण निगम, जीएमडीए, एचएसआईआईडीसी, जन स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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