मुहखुर एवं गलघोटू बीमारियों से बचाव के लिए पशु का घर द्वार पर शुरू किया टीकाकरण अभियान: डॉ नीलम आर्य

फरीदाबाद 11 नवम्बर। जिला मे मुहखुर एवं गलघोटू बीमारियों से बचाव के लिए पशु का घर द्वार पर टीकाकरण अभियान शुरू किया जा चुका है यह जानकारी उपनिदेशक पशुपालन एवं डेयरिग विभाग फरीदाबाद की उपनिदेशक डॉ नीलम आर्य ने आज यहाँ देते हुए बताया कि जिला फरीदाबाद में पशुओं को मुहखर एवं गलघोटु की बीमारी की रोकथाम हेतु उक्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

उपायुक्त जितेंद्र यादव के दिशा- निर्देश में पशुओं को स्वास्थ्य व बीमारी मुक्त रखने हेतु कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखते हुए पशुपालकों के घर द्वार पर यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है। उपनिदेशक पशुपालन एवं डॉयरीग डॉ नीलम आर्य ने बताया कि यह टीकाकरण पूरे राज्य में पशुपालन विभाग द्वारा अभियान के तौर पर चलाया जा रहा है। जिला फरीदाबाद में 22 टीमें उपमंडल अधिकारी व पशु चिकित्सक की देखरेख में सभी गांव के पशु पालक के घर-घर जाकर टीके लगा रही है। जिले में 135000 पशुओं को या टीका लगाना है। उन्होंने बताया कि मुहखुर की बीमारी वायरल है तथा गलघोटू विषाणु जनित बीमारी है। यह संयुक्त टीका दोनों ही बीमारियों की रोकथाम में प्रभावी है। मुहखुर की बीमारी एक से दूसरे पशु में संपर्क में हवा, लार द्वारा फैलती है। अतः इसकी रोकथाम बहुत जरूरी है।  इस बीमारी के होने पर पशु की दुग्ध क्षमता व प्रजजन क्षमता प्रभावित होती है तथा पशु लगभग नकारा हो जाता है। गलघोटू बीमारी के होने से पशु की मृत्यु लगभग तय होती है। इस बीमारी ने गर्दन पर सूजन ,बुखार व सांस लेने में दिक्कत होती है उन्होंने बताया कि टैगिंग इसी अभियान में टीकाकरण के साथ-साथ पशुओं में 12 अंकों का बार कोड टैग पशुओं को लगाया जा रहा है ताकि सभी पशुओं का डाटा पोर्टल पर चढ़ाया जा सके । यह पोर्टल एनएडीसीपी राष्ट्रीय पशु रोग रोकथाम कार्यक्रम ( भारत सरकार ) के तहत चलाया जा रहा है। इसी पर टैग नंबर चढ़ाया जा रहा है साथ ही साथ ही का गण भी किया जा रहा है। उन्होंने सभी पशु पालकों से अपील की है कि वह अपने पशुओं की टैगिंग अवश्य करवाएं। ताकि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ पंजीकृत सभी पशुपालक उठा सकें।

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