– फरीदाबाद में बाल भिक्षावृत्ति को रोकना ही होगा मुख्य उद्देश्य : मंगलेश कुमार चौबे

बाल महोत्सव के तीसरे दिन मंगलेश कुमार चौबे ने की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत

 

फ़रीदाबाद, 21 अक्टूबर। जिला बाल कल्याण परिषद फरीदाबाद द्वारा बाल भवन एनआईटी फरीदाबाद में आयोजित बाल महोत्सव के तीसरे दिन को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इतने लंबे समय के बाद स्कूल के बच्चों में इस बाल महोत्सव के दौरान एक नई ऊर्जा व उमंग देखने को मिल रही है। बच्चों के लिए आयोजित बाल महोत्सव में दिखाई जा रही क्रियाएं व कलाओं से ना केवल अध्यापकों में बल्कि आए हुए दर्शकों में भी अलग ही जोश देखने को मिल रहा है।

   बाल महोत्सव के तीसरे दिन की कड़ी को जोड़ते हुए आज बाल महोत्सव में फरीदाबाद के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कम सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण “मंगलेश कुमार चौबे” ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रितु चौधरी, चीफ मैनेजिंग ट्रस्टी सतत युवा फाउंडेशन से सरिता वशिष्ठ व फरीदाबाद के वरिष्ठ उद्योगपति केडी शर्मा बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।आज बाल महोत्सव की प्रतियोगिताओं में देशभक्ति समूह गान, फन गेम (लड़का/ लड़की), भाषण प्रतियोगिता व प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुति में बाल श्रम व बाल मजदूरी को ध्यान में रखकर व लोगों को जागरूक करने के लिए भाषण के माध्यम से सभी का सोचने पर मजबूर कर दिया। विभिन्न स्कूल से आए बच्चों ने आज ए मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी, हम भारत मां की संताने शीश झुकाना ना जाने, व वंदे मां भारती वंदे मातरम आदि जैसे देशभक्ति गीतों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

   मुख्य अतिथि मंगलेश कुमार चौबे ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को आज प्रण करना चाहिए कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए एक पौधा जरूर लगाएं व उसकी देखरेख भी करें। उन्होंने हाल ही में चल रही प्राकृतिक घटनाओं को प्रकृति से छेड़छाड़ करना बताया। बच्चे ही देश का भविष्य है और देश को नई दिशा व दशा सिर्फ और सिर्फ युवा ही दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति को पूर्ण रूप से रोकने का भी प्रयास किया जाएगा। लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग बच्चों को भिक्षा के रूप में धन देते हैं वो लोग बच्चों को धन ना देकर किसी संस्था या किसी सरकारी विभाग को दें, जिससे उन बच्चों को शिक्षा या जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।

उन्होंने बताया कि संविधान जब से लागू हुआ है तब से ही बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए बहुत कानून बनाए गए हैं, जिससे बच्चे अपने हितों की आवाज उठा सकते हैं। भविष्य में जिला विविध प्राधिकरण फरीदाबाद व जिला बाल कल्याण परिषद के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों को भिक्षावृत्ति को रोकना व जो लोग बच्चों से भिक्षा मंगवाते हैं उनको सजा दिलवाना ही मुख्य उद्देश होगा।

जिला शिक्षा अधिकारी रितु चौधरी ने कहा कि बाल महोत्सव जैसे कार्यक्रमों से बच्चों में जो उत्साह व जोश देखने को मिल रहा है उसे शिक्षा विभाग के माध्यम से हर संभव मदद प्रदान करके भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। जिससे बच्चों को आगे ले जाने के लिए एक उचित मंच प्रदान  किया जा सके।

   इस अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी कमलेश शास्त्री, कार्यक्रम अधिकारी सुंदरलाल खत्री, शिक्षा विभाग के कार्यक्रम नोडल अधिकारी सुशील कनवा, सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन श्रीपाल करहाना, निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ बलराम आर्य, देवेंद्र गौड़, डॉक्टर भूपेंद्र मल्होत्रा, रश्मि शर्मा, डॉ रामनिवास, बृज मोहन भारद्वाज, मनुस्मृति आदि व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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