प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मोत्सव के अंतर्गत 17 सितम्बर से मनाया जाएगा सेवा पखवाड़ा : एडीसी अपराजिता

– उपायुक्त विक्रम के दिशा-निर्देश पर पोषण माह 2022 कार्यक्रम की समीक्षा बैठक

– कहा, पोषण माह का उद्देश्य पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना

फरीदाबाद, 13 सितंबर। एडीसी अपराजिता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मोत्सव को 17 सितम्बर से सेवा पखवाड़ा के तौर पर मनाया गया। इन कार्यक्रमों को पोषण माह 2022 कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। एडीसी अपराजिता मंगलवार को कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा मीटिंग आयोजित कर रही थी।

उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी आपसी तालमेल करके गंभीरता के साथ सरकार द्वारा जारी निर्धारित हिदायतों के अनुसार पोषण अभियान का बेहतर क्रियान्वयन करें।

बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में पोषण माह का प्राथमिक उद्देश्य पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है। पोषण माह का प्राथमिक उद्देश्य पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना और परिवारों द्वारा आसानी से अपने बच्चों और गर्भवती या स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण के पूरक के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुँचने में सहायता करना है।

बैठक में एडीसी अपराजिता ने क्रमशः शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं किसान कल्याण, आयुष विभाग सहित सभी विभागों के कार्यक्रमों की समीक्षा की।

महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनाक्षी चौधरी ने विभागवार विभिन्न विभागों की गतिविधियों के बारे में अवगत कराया।

आपकों बता दें राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान गत 1 सितम्बर से 30 सितम्बर तक जिला फरीदाबाद में महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से कई गतिविधियाँ करवाई जा रही है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की सहायता से महिलाओं एवं किशोरियों के अनीमिया कैंप, आगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका, अति कुपोषित बच्चों की ख़ास देखभाल करने के बारे माता पिता को सचेत करना, प्रभात फेरियां निकालना, जन्म के बाद माँ एवं बच्चे के स्वास्थ्य कि देखभाल करने हेतु सन्देश, स्कूलों में बचों के साथ खेलो और पढो गतिविधि, आयुष विभाग के साथ मिलकर योग को जीवन का अभिन्न्न्न अंग बनाने बारे जागरूक करना, पोषण मेला, स्वयं की साफ़ सफाई पर ध्यान देने योग्य बातें बताना, पोषण के 5 सूत्रों से सबको अवगत करवाना, माँ की रसोई इत्यादि शामिल हैं। गर्भवती औरतों की गोदभराई एंव 6 महीने से ऊपर के बच्चो का अन्नप्राशन भी किए जा रहे हैं ।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मुनेष चौधरी, जिला आयुष अधिकारी डॉ अजीत कुमार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ वीरेंद्र आर्य, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी डा मंजु श्योरान, अनिता गाबा सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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