राष्ट्रीय लोक अदालत में 1895 केसों का निपटारा : मंगलेश कुमार चौबे

फरीदाबाद, 12 सितम्बर। जिला सत्र एवं न्यायाधीश कम चैयरमैन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाई एस राठौड़ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आज रखे गए 5118 केसों में से 1895 केसों का निपटारा कर दिया गया है। इन केसों के निपटारे लोगों की आपसी सहमति से किए गए हैं।

आज शनिवार को न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से न्यायधीशों के 11 बेंच बनाए गए हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में चिन्हित केसों जिनमें ट्रैफिक चालान, समरी व अन्य केस रखे जाएगें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कम् चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट मंगलेश कुमार चौबे ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आज रखे गए 5118 केसों में से 1895 केसों का निपटारा कर दिया गया है। इन केसों के निपटारे लोगों की आपसी सहमति से किए गए हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कम् चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट मंगलेश कुमार चौबे ने बताया कि आज शनिवार को न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से न्यायधीशों के 11 बेंच बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में चिन्हित केसों जिनमें ट्रैफिक चालान, समरी व अन्य केस रखे गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में फैसला होने से पैसे व समय की बचत होती है और लोगों को केसों का आपसी सहमति से शीघ्र न्याय मिलता है तथा न्यायालय पर केसों का का दबाव कम होता है। इससे समाज में भी आपस में भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपने अपने केसों को इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अवश्य लगवाए ताकि आपको शीघ्र न्याय मिल सके।

सीजेएम मंगलेश कुमार चौबे ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आज राष्ट्रीय लोक अदालत में विजय प्रताप प्रकाश पाठक चेयरमैन लोक अदालत पीयूएष की अदालत में सभी केसो को आपसी सहमति के फिक्स किए गए थे। इनके लिए पैनल अधिवक्ता संजीव जैन को लाइजन पीएलए पीयूएस लगाया गया था। उन्होंने बताया कि आज 11 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत में 11 अदालतों में लोगों के केसों का निपटान आपसी सहमति से किया गयाक। इनके लिए 11 पैनल अधिवक्ताओं को भी नियुक्त किया गया था।

अतिरिक्त सेशन जज नाजर सिंह की अदालत में इलेक्ट्रिसिटी के सिविल और क्रिमिनल केस रखे गए। इनके साथ पैनल एडवोकेट कुमारी संगीता शर्मा को, अतिरिक्त सेशन जज राजेश गर्ग की अदालत में एमए सिटी के सभी इंश्योरेंस कंपनियों और मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल केस रखे गए इनके लिए एडवोकेट रविंद्र गुप्ता को लाइजन के रूप में लगाया गया था।

एलडी प्रिंसिपल जज कुमारी कुमुद गुगनानी की अदालत में फैमिली कोर्ट के केसों का निपटारा किया गया। इनके कुमारी सुषमा अधना को लायजनिंग अधिवक्ता लगाया गया था। एसडीपीओ सुधीर की अदालत में इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के केस लगाए गए इनके लिए कुमारी मनमीत कौर को अधिवक्ता लगाया गया था। एलडीए सीजेएम तैयब हुसैन की अदालत में समरी एंड एमसीएफ केसों का निपटारा हुआ इनमें अधिवक्ता आरसी गोला को लगाया गया है। एलडीजेएमआईसी अमित नैन की अदालत में ट्रैफिक चालान अधिवक्ता अनिल गुप्ता को, एलडी जेएमआईसी गौरव खटाना की अदालत में भी ट्रैफिक चालान अधिवक्ता भानु प्रिया शर्मा को, एलडीजेएमआईसी कुमारी रूपम की अदालत में भी ट्रैफिक चालान, अधिवक्ता जीत कुमार रावत को लगाया गया था। इसी प्रकार एलडी जेएमआईसी कुमारी नीलम की अदालत में 138 एनआईएक्ट के केसों का निपटान किया गया। उनके लिए अधिवक्ता कुमारी अर्चना गोयल को लगाया गया था। एलडीजेएमआईसी सुमित तुरकिया की अदालत में सिविल क्रिमिनल केसों का निपटान किया । उनके लिए अधिवक्ता गगन कुमार को लगाया गया था।

सचिव मंगलेश कुमार चौबे ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में 5118 केस रखें गए जिनमें से1895 केसों का लोगों की आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इनमें 4 करोड़ 80 लाख 73 हजार 960 रुपये की धनराशि रिकवरी के रूप में ली गई है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मंगलेश कुमार चौबे ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में 11 राष्ट्रीय लोक अदालत नेक विचार में लगाई गई थी। इनमें बैंकों के 425 केसों मे से 37 लाख 93971 रुपए की धनराशि, बिजली के 450 केसों का निपटारा किया गया। क्रिमिनल कंपाउंड के 47 केसों में ₹800750 रुपये की धनराशि, लेबर डिस्प्यूट के 87 केसों में से 7 केसों में ₹221000 रुपये की धनराशि,एम एसीटी के 27 केसों में एक करोड़ 47 लाख 81000 रुपए की धनराशि, इन एक्ट 138 के 174 केसों में दो करोड़ 48 लाख

97039रुपये की धनराशि मोटर व्हीकल के 545 देशों में 35 लाख 80300 रुपये की धनराशि, एनसीएफ 93 केसों में 87300 रुपये की धनराशि और फैक्ट्री के 178 केसों में 452000 रूपये की धनराशि वसूल की गई। इसी प्रकार उन्होंने आगे बताया कि राजस्व के विभाग के 250 में 20क्षकेस बिजली निगम के 450 केवल सिविल के 66 में से 18 केसों का निपटारा किया गया।

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