निकिता तोमर को मिला इंसाफ : तौसीफ और रिहान को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई

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हरियाणा के फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में कोर्ट ने शुक्रवार करीब चार बजे दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तौसीफ और रेहान को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार दिया था। 151 दिन बाद दोनों को 26 तारीख को ही सजा सुनाई। वारदात भी 26 तारीख को ही हुई थी।

इससे पहले पीड़ित पक्ष के वकीलों ने कोर्ट से फांसी की सजा देने की मांग की थी, ताकि समाज में एक कठोर मैसेज जाए कि कोई भी अपराधी इस तरह सरेआम किसी की हत्या न कर सके। बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील देते हुए कहा कि यह केस रेयरेस्ट ऑफ द रेयर की श्रेणी में नहीं आता क्योंकि दोनों एक दूसरे को जानते थे। ऐसे में निकिता की हत्या इरादे से नहीं बल्कि गैर इरादतन हुई है, क्योंकि हत्या आरोपियों की उम्र भी बेहद कम है, ऐसे में उन्हें कम से कम सजा दी जानी चाहिए। अब कोर्ट लंच बाद 3:30 बजे अपना फैसला सुनाएगी।

बुधवार सुबह 10:30 बजे हत्यारोपी तौसीफ और रिहान को नीम का दिल से भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट परिसर लाया गया सुबह 11:15 बजे दोनों पक्षों के वकील सजा पर बहस के लिए कोर्ट रूम पहुंचे और करीब 20 मिनट तक 11:35 तक बहस चली। निकिता के पिता का कहना है कि कोर्ट दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाएगी तब उन्हेंं शांति मिलेगी।

26 को हत्या 26 को ही मिलेगी सजा
इसे संयोग ही कहेंगे कि हत्याकांड से ठीक पांच महीने बाद दोनों हत्यारों को सजा सुनाई जाएगी। 26 अक्टूबर 2020 को निकिता की हत्या की गई थी। तमाम जांच पड़ताल और सुनवाई के बाद ठीक पांच महीने यानी 26 मार्च को ही सजा सुनाई गई।

तभी मिलेगी शांति जब फांसी होगी
निकिता के पिता मूलचंद तोमर ने दैनिक भास्कर से कहा कि उनके परिवार को शांति तभी मिलेगी जब हत्यारों को फांसी की सजा मिलेगी। उनका कहना है कि 5 माह का वक्त निकिता को न्याय दिलाने में गुजर गया। लोगों के कमेंट झेले, दबाव में रहे। अब भी जीवन डर-डरकर चल रहा है।

तीन माह 22 दिन तक चली सुनवाई
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर इस केस की सुनवाई तीन माह 22 दिन लगातार चली। एक दिसंबर 2020 को पहली गवाही कराई गई। इसमें घटना के चश्मदीद निकिता के चचेरे भाई तरुण तोमर और सहेली निकिता शर्मा शामिल हुए थे। पीड़ित पक्ष की ओर से 55 लोगों ने गवाही दी। इसमें परिवार के सदस्यों, कॉलेज के प्रिंसिपल समेत कई पुलिसकर्मी शामिल हुए। बचाव पक्ष ने दो दिन में अपने दो गवाह पेश किए और उनके बयान दर्ज कराए। 23 मार्च 2021 को दोनों पक्षों की ओर से गवाही पूरी हो गई थी।

 

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