असंगठित मजदूरों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कर रहे डेटाबेस तैयार: उपायुक्त कृष्ण कुमार

-उपायुक्त की अध्यक्षता में ई-श्रम कार्ड निर्माण की समीक्षात्मक बैठक का हुआ आयोजन

पलवल ( अतुल्य लोकतंत्र ): असंगठित मजदूरों के उत्थान और कल्याण के उद्देश्य से राष्टï्रीय स्तर पर डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कार्य पूर्ण करने की तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। उपायुक्त कृष्ण कुमार ने यह जानकारी देते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे असंगठित क्षेत्र में आने वाले संबंधित कर्मचारियों का पंजीकरण जरूर करवायें। साथ ही उन्होंने असंगठित कामगारों को भी प्रोत्साहित किया कि वे ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवायें।
लघु सचिवालय में सोमवार को ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित कामगारों के पंजीकरण कार्य की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त कृष्ण कुमार ने कहा कि असंगठित कामगारों के राष्टï्रीय डेटाबेस के लिए पंजीकरण किया जा रहा है। पलवल जिला में करीब ढ़ाई लाख असंगठित मजदूरों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए बेहतरीन तालमेल और एकजुट प्रयास जरूरी है। सहायक श्रम आयुक्त से मिलकर सभी विभागीय अधिकारियों उनके विभागीय कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने बताया कि कामगार-श्रमिक-मजदूर-स्व रोजगारियों की विभिन्न श्रेणियों में आने वाले मजदूर ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं। इनमें निर्माण श्रमिक, खेतीहर मजदूर, दिहाड़ीदार मजदूर, बढ़ई, प्रवासी मजदूर, मनेरगा वर्कर, ऑटो चालक, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर व हैल्पर, घरेलू कामगार, दूध बेचने वाले, बिजली मिस्त्री, रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता, कारीगर, बुनकर, पलंबर व अन्य असंगठित क्षेत्र के मजदूर शामिल हैं।
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले असंगठित कामगारों को कई विशेष लाभ मिलेंगे। पंजीकृत कामगारों का ई-श्रम कार्ड पूरे भारत में स्वीकार्य रहेगा, पीएमएसबीवाई के तहत दुर्घटना बीमा कवरेजा मिलेगा, विभिन्न प्रकार के सामाजिक सुरक्षा लाभों का वितरण ई-श्रम के द्वारा किया जायेगा, आपदा या महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों में केंद्र व राज्य सरकारों से मदद मिलना आसान होगा तथा दुर्घटना से हुई मृत्यु अथवा स्थाई रूप से दिव्यांग होने पर दो लाख रुपये व आंशिक दिव्यांग होने पर एक लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त होगी।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि पंजीकरण के लिए कुछ शर्र्तें भी रखी गई हैं, जिसके अंतर्गत कामगार की आयु 16 वे 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए, ईपीएफओ तथा ईएसआईसी एवं एनपीएस का सदस्य नहीं होना चाहिए और कामगार आयकरदाता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर स्वयं कामगार भी अपना पंजीकरण कर सकता है। पंजीकरण प्रक्रिया बेहद सरल है, जिसके लिए कामगार नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) एसं अटल सेवा केंद्रों में जाकर नि:शुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड व बैंक अकाउंट पासबुक और मोबाईल नंबर की आवश्यकता रहती है। साथ ही हैल्पलाईन नंबर-14434 पर भी मदद प्राप्त कर सकते हैं।
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने सहायक श्रमायुक्त को निर्देश दिए कि वे संबंधित विभागीय अधिकारियों से नियमित रूप से फीडबैक लें। जिला परिषद के सीईओ को निर्देश दिए कि वे इस दिशा में जागरूकता फैलाते हुए मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों का पंजीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा ईंट-भ_ïा मजदूरों का पंजीकरण अवश्य किया जाए, जिसके लिए संबंधित एसोसिएशन सहयोग करे। दुकानों पर कार्यरत मजदूरों के पंजीकरण के लिए उन्होंने व्यापारियों व व्यापार मंडल से सहयोग की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान कोविड-19 कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सिनेशन अभियान भी साथ-साथ चलाया जा सकता है। कोरोना से संरक्षण के लिए पहली डोज के लक्ष्य प्राप्ति की तिथि भी 31 दिसंबर रखी गई है। जिनको पहली डोज लग चुकी है वे दूसरी डोज अवश्य लगवायें।
इस अवसर पर सहायक श्रम आयुक्त दीप्ति मेहरा ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए नियमित रूप से शिविर लगाये जा रहे हैं, जिनके माध्यम से असंगठित कामगारों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भी विशेष सहयोग की अपील की। साथ ही उन्होंने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों से भी अपील की कि वे अपना ई-श्रम कार्ड अवश्य बनवायें, ताकि उन्हें सरकार की जन कल्याकणकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ प्राथमिकता के साथ मिले।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह, एसडीएम वैशाली सिंह, एसडीएम लक्ष्मीनारायण, सीएमजीजीए अरविंद कुमार, सिविल सर्जन डा. ब्रह्मïदीप, डीईओ अशोक बघेल, डीडब्ल्यूओ जेपी हुड्डïा आदि अधिकारीगण मौजूद थे।

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