निगमायुक्त ने इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ आर्किटैक्ट्स के पदाधिकारियों के साथ की मीटिंग

फरीदाबाद। निगमायुक्त यशपाल यादव ने इंडियन इन्सटीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ कैम्प कार्यालय में बैठक की। बैठक में निगमायुक्त द्वारा उपस्थित वास्तुकारों को अवगत कराया कि उनके द्वारा होबपास पोर्टल के माध्यम से जो स्व-प्रमाणन नीति के तहत भवन प्लान का अनुमोदन किया जा रहा है उनमें अनेक प्रकार कि त्रुटियां पाई जा रही हैं, वास्तुकार अपने निहित स्वार्थों के चलते भवन प्लानों का अनुमोदन स्वीकृत नियमों के अनुसार नहीं कर रहे हैं तथा साथ ही उनके द्वारा देय शुल्कों का भवन प्लान के अनुमोदन के समय भुगतान नही किया जा रहा है जिससे निगम को वित्तीय हानि हो रही है। उन्होंने वास्तुकारों को चेताया कि नगर निगम सभी प्रकार के अवैध निर्माणों पर कार्यवाही करने जा रहा है तथा उसे उल्लगंनकत्र्ता वास्तुकारों के विरूद्ध भी कोई कार्यवाही करने में झिझक नही होगी। निगमायुक्त ने वास्तुकारों से अनुरोध किया कि भवन प्लान का अनुमोदन करते समय वह जोनिंग प्लानों के प्रावधानों का, स्थापित भवन नियमों का, स्टैण्डर्ड डिजाइन के प्रावधानों का पालन तथा देय शुल्कों का भुगतान करना सुनिश्चित करें। वास्तुकारों द्वारा यह सुझाव दिया गया कि भवन प्लान जमा करते समय क्या-2 डोक्यूमेन्ट तथा फीस सबमिट करनी हैं होबपास पोर्टल पर स्पष्ट नही हैं यदि नगर निगम स्टैण्डर्ड डिजाइन की प्रतिलिपियां होबपास पोर्टल पर अपलोड कर देता है तो वह भवन प्लान का अनुमोदन करते समय उनको भी संज्ञान में ले लेंगे तथा एचएसवीपी व एचएसआईआईडीसी के पोर्टल पर कुछ भवन प्लान अनुमोदन करने बारे कंट्रोल स्थापित किये हुये हैं। अत: उन्ही कंट्रोलों को होबपास पोर्टल पर भी लागू करना उचित होगा जिससे कि किसी प्रकार की विसंगती से बचा जा सके। निगम आयुक्त द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि वास्तुकार प्रथम अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लायें तथा भवन नियमों का अनुपालन करते हुये सभी देय शुल्कों का भुगतान करके भवन प्लान का अनुमोदन प्राप्त करें। होबपास पोर्टल बारे जो सूझाव दिये जा रहे हैं उनका अध्ययन करने के पश्चात् उन्हें भी लागू किया जायेगा। नगर निगम द्वारा उन्हें इस प्रयोजन के लिए अधिकृत किया जायेगा व ऐसे उल्लंघनकत्र्ताओं से फीस प्राप्त कर नगर निगम में कम्पाउंडबाल व गैर-यौगिक निर्माण का विवरण देते हुये संरचना शुल्क का निर्धारण करते हुए निर्मित चित्र के रूप में व यह घोषणा भी दें कि उन द्वारा किया गया सर्वे व लगाया गया शुल्क नियामानुसार है तथा सूचना उपलब्ध करवाये जिससे कि नगर निगम सभी उल्लंघनकत्र्ताओं को नोटिस जारी कर उनसे किये गये उल्लंघनों की राशि वसूल कर सके। नगर निगम किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाशत नही करेगा व उल्लंघनकत्र्ताओं व वास्तुकारों के खिलाफ भी नियामानुसार कार्यवाही जरूर अमल में लायेगा।

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