मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम – कोरोना काल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता महत्वपूर्ण

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन आई टी तीन फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विद्यालय की जूनियर रेडक्रॉस, गाइड्स और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में किया। विद्यालय की जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड प्रभारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि भारत में मानसिक स्वास्थ्य विकार होने को कथित तौर पर शंका की दृष्टि से देखा जाता है और जो लोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकारों से पीडि़त हैं उनके साथ एक कलंक जुड़ा हुआ माना जाता है द लिव लव लाफ फाउंडेशन 2018 के अनुसार आत्म-अनुशासन और इच्छाशक्ति की कमी के परिणामस्वरूप मानसिक विकार उत्पन्न हुए हैं। मानसिक स्वास्थ्य के उपचार में इससे जुड़े कलंक के साथ-साथ पहुँच, आर्थिक सामर्थ्य, और जागरूकता की कमी बड़ी बाधा उत्‍पन्‍न करते हैं। प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि स्वास्थ्य देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ के अनुसार रोग या दुर्बलता का उपचार, शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक तरीकों से अच्छी तरह से किया जा रहा है। मानसिक स्वास्थ्य को परिभाषित करने में यह कहा जा सकता है कि इस से एक व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का पता चलता है यह आत्मविश्वास आता कि वे जीवन के तनाव के साथ सामना कर सकते हैं, उत्पादकता और अपने या अपने समुदाय के लिए एक योगदान करने में सक्षम हो सकते हैं। इस सकारात्मक अर्थ में यह भी माना जा सकता है कि, इस दुविधा से लड़कर और जीतकर मानसिक रूप से स्वस्थ्य व्यक्ति अच्छी तरह से किसी भी कार्य को कर सकता है। अतः यह एक समुदाय के प्रभावी संचालन के लिए नींव है। जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड प्रभारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि मानसिक अस्वस्थता के कारण सामाजिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं जैसे बेरोजगार, बिखरे हुए परिवार, गरीबी, नशीले पदार्थों का दुर्व्यसन और संबंधित अपराध। मानसिक अस्वस्थता रोगनिरोधक क्रियाशीलता के ह्रास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अवसाद से ग्रस्त चिकित्सकीय रोगियों का हश्र बिना अवसाद से ग्रस्त रोगियों से अधिक बुरा होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और बढ़ावा देने में सरकारों को सहयोग प्रदान करता है।मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए प्रमाण का मूल्यांकन किया है और सरकारों के साथ इस जानकारी को बांटने और प्रभावकारी रणनीतियों को नीतियों और योजनाओं में एकीकृत करने के लिए काम कर रहा है। आज का आयोजन बी के अस्पताल की टीम सुमंत्रा, ममता और श्री भागीरथ ने प्राध्यापिका मोनिका ने किया। प्राचार्य मनचंदा ने सभी स्टाफ सदस्यों का सुंदर आयोजन के लिए स्वागत किया और छात्राओं दीया यादव, महक और शिवानी का स्टाफ ने अभिनंदन किया।

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