विद्यार्थियों को भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न, साइबर, यातायात नियमों तथा गुड व बेड टच के बारे में किया जागरूक

फरीदाबाद: डीसीपी मुख्याल श्री नीतिश अग्रवाल के दिशा निर्देशो पर विद्यार्थियों को महिला विरुद्ध अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए आज सीनियर सिटीजन सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर सविता ने जवाहर कॉलोनी के स्कूल वी एम सीनियर सेकेंडरी में पहुंचकर विद्यार्थियों को महिला विरुद्ध होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक करके महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वी एम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सभागार में सभी छात्राओं को भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न, साइबर, यातायात नियमों तथा गुड व बेड टच के प्रति जागरुक करने का काम कर रही है। उन्होंने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि महिलाओं का कार्य केवल घर तक ही सीमित नहीं है बल्कि वह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस समाज निर्माण में अपना योगदान दे सकती हैं। बहुत सी महिलाएं शिक्षा के अभाव में शोषण का शिकार होती हैं क्योंकि उन्हें इस समाज और अपने रिश्तेदारों में अपनी बदनामी का डर रहता है। एक पति शराब पीकर अपनी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करता है उसके साथ मारपीट करता है और उसे बहुत ही अति भद्दी गालियां भी देता है परंतु पत्नी इन सब को सिर्फ इसलिए सहन करती है कि यदि उसने अपने पति के खिलाफ कुछ भी बोला या कोई भी कार्य किया तो उसका पति वापिस उसे छोड़ देगा और उसे वापस अपने मायके जाना पड़ेगा इसी वजह से महिलाएं शोषण का शिकार होती हैं और अपने अधिकारों जागरूकता के अभाव में पूरी उम्र दबाव में व्यतीत कर दी हैं। उन्होंने बताया कि एक पढ़ी-लिखी नारी अपने अधिकारों को जानती है और वह किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध अपनी आवाज उठाने में असमर्थ होती है इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए ताकि वह इस समाज की बुराइयों से लड़ सके और अपने हक के लिए आवाज उठा सकें।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थी इस सामाजिक जीवन में अपने आसपास दहेज प्रथा को देखते हैं बड़े होकर इसी को आगे बढ़ाते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का ज्ञान नहीं होता कि दहेज लेना कानूनन अपराध है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने आने वाले भविष्य में दहेज प्रथा के विरुद्ध खड़े हों तथा समाज में दहेज की कुप्रथा को खत्म करने में अपना अहम योगदान दें। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुड व बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए उन्हें बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति ने गलत तरीके से स्पर्श करने की कोशिश करता है तो उसके बारे में अपने परिजनों को बताएं क्योंकि यदि वह इसका विरोध नहीं करेंगे वह फिर से उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश करेगा। उन्होंने बताया कि पहले इस बात के बारे में बहुत कम जानकारी होती थी कि गुड टच बैड टच क्या होता है परंतु आजकल इसके प्रति जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी जा रही है इसलिए यदि कोई भी व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करता है तो चुप रहकर इसे सहन करने की कोशिश ना करें क्योंकि यह आगे चलकर उनके शोषण का कारण बन सकता है। इसलिए इसके विरुद्ध एकजुट होकर लड़ाई लड़ें ताकि समाज में महिला सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।

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