नन्ही सृष्टी गुलाटी पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद के हाथों हुई सम्मानित

• पिता प्रवीण गुलाटी बोले ,बेटी बोझ नहीं बेटी एक दिया है ,

Faridabad (अतुल्य लोकतंत्र ): शहर की 6 वर्षीय नन्ही सृष्टी गुलाटी को पुलिस कमिश्नर विकास कुमार अरोड़ा द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उसकी सामाजिक उपलब्धि ओर समाजसेवा के लिए हुआ है। इससे पूर्व में भी यह बिटिया कई बड़ी हस्तियों के हाथो सम्मानित हो चुकी है। बच्ची के पिता प्रवीण गुलाटी का कहना है कि अभी तक शहर में इस प्रकार का कोई भी प्रथम श्रेणी प्रशंसा पत्र इतनी कम उम्र 6 वर्ष में किसी भी बेटी को नही मिला है । पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आज इस नन्ही बेटी सृष्टी के द्वारा ही हर घर तिरंगा अभियान भी शुरु कर दिया गया है। कमिश्नर कार्यालय में आज से हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत कर दिया गया है। अनेक बार नन्ही सृष्टी ने ये साबित कर दिया कि सेवा ओर जज्बे के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है।

विकास कुमार अरोड़ा ( IAS ) द्वारा आज अपने सेक्टर 21 पुलिस कमिश्नर कार्यालय में सृष्टी गुलाटी को प्रथम श्रेणी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान सृष्टी गुलाटी को समाज के लिए किए गए नेक कार्यों फेस मास्क वितरित करने, स्कूल और अन्य स्थानों पर विभिन्न प्रकार के कार्य सेनेटरी पैड, सेनिटाइजर, बेबी डाइपर वितरित करने आदि सेवा के कार्यो, उत्कृष्ट उपलब्धि, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने और समाज मे एक नया आयाम स्थापित करने के लिए दिया गया। नन्ही सृष्टी द्वारा पुलिस कमिश्नर विकास कुमार को मास्क, सेनिटाइजर, पक्षियों का सकोरा, आदि भेट स्वरूप प्रदान किया गया। सृष्टी बिटिया द्वारा अपने चंचल अंदाज में भेट की गई इन सभी वस्तुओं को देखकर कमिश्नर विकास कुमार अरोड़ा भी बेहद खुश ओर भाव विभोर हुए।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने कहा कि हमें बेटी पर गर्व है। इसकी सफलता के पीछे माता पिता की मेहनत और लग्न है। विकास कुमार अरोड़ा ने कहा कि इतनी कम उम्र में सृष्टि बेटी की कामयाबी सभी के लिए एक मिसाल है। इस अवसर पर कमिश्नर कार्यालय में विकास कुमार अरोड़ा, पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह, मीना, पिता प्रवीन गुलाटी, रीडर योगेश, नारायण आदि सभी उपस्थित रहे। सृष्टि को सम्मानित होते हुए देख पिता प्रवीन गुलाटी बहुत ही उत्साहित ओर गर्वित महसूस कर रहे थे। पिता प्रवीन गुलाटी ने कहा कि पुलिस कमिश्नर विकास कुमार अरोड़ा द्वारा सृष्टि बेटी को यह सम्मान हर उन अभिभावकों को एक सीख देता है जो यह समझते हैं कि बेटियां बोझ है। बेटी बोझ नहीं बेटी एक दिया है।
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