Kargil कारगिल विजय दिवस – भारतमाता के वीर सपूतों को जूनियर रेडक्रॉस का नमन

Faridabad/ ATULYA LOKTANTRA : गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल एन आई टी तीन फरीदाबाद की जूनियर रेडक्रास, सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड और गाइडस ने प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना के बलिदान हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। जूनियर रेडक्रॉस और ब्रिगेड अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि इस युद्ध में देश के पांच सौ सत्ताइस जवान बलिदान हुए। प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि भारतीय सेना के कारगिल युद्ध की पराक्रम गाथा अमिट है। भारतीय सेना के बहादुर जवानों ने अपनी जान पर खेल कर पाकिस्तानी सेना को धूल चटाते हुए भागने पर मजबूर कर दिया। भारतीय सेना के शूरवीर जवानों और भारतीय वायसेना के अद्वितीय तालमेल से पाकिस्तान को इस युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ा। भारतमाता के जवानों के शौर्य और साहस का जितना वर्णन किया जाए उतना कम है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र सेनाओं के पराक्रम के बारे में कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। कारगिल युद्ध में विजय भारत के संकल्पों, शक्ति और धैर्य की विजय थी। भारत की गरिमा और अनुशासन की विजय थी। यह विजय हर भारतीय की आशाओं, उम्मीदों और कर्तव्यपरायणता की विजय थी। युद्ध संपूर्ण राष्ट्र द्वारा लड़े जाते हैं। भारत के वीर देश के लिए जीने या मरने एवं न्योछावर होने का सोचते हैं वे सदैव अमर हैं, अमर थे और अमर रहेंगे। सैनिक न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए और सुरक्षित भविष्य के लिए अपने जीवन को न्योछावर कर देते हैं। सैनिक जीवन और मृत्यु के बीच अंतर नहीं करते हैं। उनके लिए कर्तव्य सर्वोच्च है। हर भारतीय को अपने बहादुर सैनिकों पर गर्व करने का अधिकार है। प्राचार्य मनचन्दा ने देश पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के जीवन से सीख लेने के लिए प्रेरित किया। एक्टिविटीज कॉर्डिनेटर प्राध्यापिका मोनिका, शीतल और अध्यापक संजय मिश्रा ने छात्राओं ताबिंदा, नेहा और आकांक्षा व संध्या द्वारा बनाए गई पेंटिंग की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय में कल वीर बलिदानियों की स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जा रहा हैं।

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