24.1 C
Delhi
Thursday, November 24, 2022
spot_img

कांत एन्क्लेव मामला : जुलाई के पहले हफ्ते में कुछ अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

Faridabad/Atulya Loktantra : कांत एन्क्लेव के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अब तक हो रही अवहेलना के बाद अब जुलाई के पहले हफ्ते में कुछ अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। सितम्बर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने कान्त एन्क्लेव के मामले की सुनवाई के दौरान आदेश दिए थे कि 18 दिसंबर 1992 के बाद के अरावली पर सभी निर्माण अवैध हैं लेकिन उस आदेश के बाद भी अरावली पर निर्माण और अवैध खनन जारी रहे और बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के प्रधान एलएन पाराशर ने इस दौरान कई खुलासे किये जिसके बाद आधा दर्जन से ज्यादा खनन माफियाओं और अवैध निर्माण कर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की गई और उसके बाद में जब निर्माण और अवैध खनन जारी रहे तो वकील पाराशर ने सुप्रीम कोर्ट में कई अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर कर दी जिसके बाद अब जुलाई के पहले हफ्ते में इसकी सुनवाई होगी।

वकील पराशर ने बताया के 11 मार्च 2019 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसका डायरी नमबर 9324/19 था। इस याचिका में मुख्य सचिव हरियाणा दीपेंदर सिंह देसी, अतुल कुमार डीसी फरीदाबाद, कमलेश कुमारी, इंस्पेक्टर खनन विभाग, अर्जुन देव अधिकारी वन विभाग फरीदाबाद सहित कई अधिकारियों का नाम था। वकील पाराशर ने कहा कि अरावली पर निर्माण और खनन इन्ही अधिकारियों की मिलीभगत से जारी था जिसके बाद मैं सुप्रीम कोर्ट गया। उसके बाद भी खनन और अवैध निर्माण जारी था जिसकी तस्वीरें और वीडियो और अख़बारों की कटिंग और न्यूज़ चैनलों पर चली खबरों को मैंने सुप्रीम कोर्ट में बतौर सबूत पेश किया।

उन्होंने कहा कि उस मामले की सुनवाई ( लिस्टेड ) जुलाई के पहले हफ्ते में होगी। वकील पाराशर ने बताया कि जब मैंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी उसके बाद भी मैंने दर्जनों ऐसे खुलासे किये थे जिनमे अवैध खनन और अवैध निर्माण जारी थे। उन्होंने बताया इस दौरान भी मैंने आवाज उठाईं लेकिन अधिकारी अब भी सोते रहे और कोई कार्यवाही नहीं की। वकील पाराशर ने कहा कि अरावली लगातार लूट रही थी और लुट रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि अरावली पर एक भी निर्माण न हों और 18 दिसंबर 1992 के बाद के निर्माणों को ढहाया जाए। पाराशर ने कहा कि अब अधिकारियों को जबाब देना पड़ेगा कि ये खेल क्यू जारी था और जारी है।

Deepak Sharma
Deepak Sharma
इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी । आज के वक्त की आवाज सोशल मीडिया के महत्व को समझते हुए ही ऑनलाईन न्यूज़ वेब चैनल/पोर्टल को उन्होंने आरंभ किया। दीपक कुमार शर्मा की शैक्षणिक योग्यता B. A,(राजनीति शास्त्र),MBA (मार्किटिंग), एवं वे मानव अधिकार (Human Rights) से भी स्नातकोत्तर हैं। दीपक शर्मा लेखन के क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय हैं। लेखन के साथ साथ वे समाजसेवा व राजनीति में भी सक्रिय रहे। मौजूदा समय में वे सिर्फ पत्रकारिता व समाजसेवी के तौर पर कार्य कर रहे हैं। अतुल्यलोकतंत्र मीडिया का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सरोकारों से परिपूर्ण पत्रकारिता है व उस दिशा में यह मीडिया हाउस कार्य कर रहा है। वैसे भविष्य को लेकर अतुल्यलोकतंत्र की कई योजनाएं हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
14FollowersFollow
17SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles