परीक्षाओं को सुविधाजनक बनायेगी जे.सी. बोस विश्वविद्यालय की ‘लचीली’ परीक्षा व्यवस्था

– विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन व ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प
– कोविड पीड़ित व बहारी राज्यों के विद्यार्थी बाद में दे सकेंगे परीक्षा
– ‘लचीली’ परीक्षा व्यवस्था से विद्यार्थी सशक्त होंगे, परीक्षा की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगीः कुलपति राज नेहरू

फरीदाबाद, 4 दिसंबर – कोरोना महामारी से उत्पन्न हालातों में परीक्षाओं को लेकर छात्रों की समस्याओं का समाधान करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने ‘लचीली’ परीक्षा प्रणाली की शुरूआत कर एक नई पहल की है। ‘लचीली’ परीक्षा व्यवस्था छात्रों के हित एक अभिनव दृष्टिकोण है जो वर्तमान परिस्थितियों में परीक्षा को लेकर छात्रों की चिंताओं का निवारण करेगी तथा इसके साथ ही, शिक्षा व परीक्षा के गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करेगी।
लचीली परीक्षा व्यवस्था में छात्रों को अधिसूचित परीक्षा केंद्रों पर ऑफलाइन परीक्षा (सब्जेक्टिव मोड) या ऑनलाइन परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्न – एमसीक्यू आधारित) देने का विकल्प प्रदान किया गया है। इसके लिए विद्यर्थियों को 8 दिसंबर, 2021 तक लिखित रूप में परीक्षा के विकल्प का चयन करना होगा। इन परीक्षाओं का अधिमान (वेटेज) कुल मूल्यांकन का 25 प्रतिशत होगा। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय 15 दिसंबर, 2021 से अपनी अंतिम सेमेस्टर परीक्षा आयोजित कर रहा है।
इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों में परीक्षा देने में असमर्थता जता रहे बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को राहत देते हुए विश्वविद्यालय ने निर्णय लिया है कि दिल्ली/एनसीआर और हरियाणा को छोड़कर अन्य राज्यों से संबंधित सभी छात्रों तथा ऐसे छात्रों जो कोविड या क्वारंटाइन है, के लिए परीक्षाएं बाद में आयोजित की जायेगी। ऐसे विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल न हो पाने की सूचना विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा को संबंधित शिक्षण विभागों या संबद्ध कालेजों के माध्यम से 8 दिसंबर, 2021 तक लिखित रूप में देनी होगी। सूचना के साथ विद्यार्थियों को वैध निवास प्रमाण तथा चिकित्सा प्रमाण पत्र (कोविड मामलों में) के साथ लगाना होगा।
यह निर्णय कुलपति श्री राज नेहरू की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में लिया गया है, जोकि विद्यार्थियों द्वारा परीक्षा को लेकर प्रस्तुत विभिन्न अभ्यावेदनों पर विचार करने के लिए आयोजित की गई थी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, विश्वविद्यालय ने अधिसूचित परीक्षा केंद्रों पर बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की थी, जिस पर विद्यार्थियों ने परीक्षाएं फिर से ऑफलाइन मोड में करवाने का अनुरोध किया था। कुलपति श्री राज नेहरू ने कहा कि विश्वविद्यालय की नई लचीली परीक्षा व्यवस्था एक महत्वपूर्ण अभिनव पहल है जो आने वाले दिनों में विद्यार्थियों को और अधिक सशक्त बनायेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बाहरी राज्यों के ऐसे छात्र जो परीक्षाएं देना चाहते है, वे अधिसूचित परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षाएं दे सकते है, जिसके लिए उन्हें ऑफलाइन या ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प चुनना होगा। इसके साथ ही, उन्हें संबंधित संस्थानों में छात्रावास की सुविधा के लिए भी अनुरोध करना होगा। परीक्षा के दौरान बाहरी राज्यों के सभी छात्रों को छात्रावास की सुविधा प्रदान की जाएगी।

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