बैंक और संबंधित एजेंसी करेंगी लापरवाही तो होगी कानूनी कार्रवाई, 6 महीने की सजा का प्रावधान

फरीदाबाद: अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आयुक्त श्री विकास कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में क्राइम रिव्यू मीटिंग आयोजित हुई । पुलिस आयुक्त ने क्राईम रिव्यू मीटिंग में सभी डीसीपी, एसीपी, और थाना प्रबंधक को बैंक, एटीएम मशीन मे कैश रिफिल करने वाली कैश वैन की सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने जानकारी देते बताया कि बैंक, एटीएम एंड कैश कैरी करने वाली कैश वैन की सुरक्षा के संबंध में एसओपी जारी करते हुए डीसीपी मुख्यालय श्री नीतीश अग्रवाल ने सभी थाना प्रबंधक को निर्देश देते हुए कहा की एसओपी गाईडलाईन की पालना के लिए बैंक मैनेजर, सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने वाली एजेंसी और बैंक का कैश हैंडलिंग करने वाली एजेंसियों के साथ मीटिंग कर सुरक्षा के प्रति आवश्यक कदम उठाने के लिए कहे। जारी की गई गाईडलाईन के अनुरूप समय-समय पर उनके एरिया में कैश हैंडलिंग करने वाली कैश वैन की चेकिंग करें और खामियां पाई जाने पर आवश्यक उचित कानूनी कार्रवाई करें।

बैंकों तथा एटीएम मशीन में पैसा जमा करने के लिए कैश वैन का उपयोग किया जाता है जो प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों की देखरेख में कार्य करती हैं। हरियाणा में हाल ही में विभिन्न स्थानों पर कैश वैन से लूट के मामलों को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मुख्यालय नीतीश कुमार अग्रवाल की ओर से बैंक तथा कैश वैन की सुरक्षा एजेंसियों को पत्र लिखा गया जिसमें उन्होंने कैश वैन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी एक्ट 2005 के तहत रजिस्टर्ड सिक्योरिटी एजेंसी को ही बैंकिंग इंस्टीट्यूशन द्वारा कैश ट्रांसपोर्टेशन के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए। जो एजेंसी इस कानून के तहत रजिस्टर्ड नहीं है उसे इसका कॉन्ट्रैक्ट नही मिलना चाहिए। कैश ट्रांसपोर्टेशन के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी, कैश हैंडलिंग एजेंसी तथा बैंक के बीच कॉन्ट्रैक्ट होना अनिवार्य है। कैश ले जाने वाली गाड़ी एक सुरक्षित वाहन होना चाहिए जिसमें सुरक्षा हेतु सभी इंतजाम होने आवश्यक हैं और जो हरियाणा प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी रूल्स की सभी शर्तों को पूरा करती हो। इसके लिए किसी भी प्राइवेट गाड़ी या टैक्सी को उपयोग में नहीं लिया जा सकता। प्रत्येक गाड़ी में एक ड्राइवर, हथियारबंद दो सिक्योरिटी गार्ड तथा दो एटीएम ऑफिसर होना अनिवार्य है।

यदि कैश अधिक हो तो 2 से अधिक हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड को इसके साथ भेजा जाए जिसमें से एक सिक्योरिटी गार्ड गाड़ी की अगली सीट तथा बाकी पीछे की तरफ तैनात किए जाने चाहिए ताकि कोई भी इसे लूटने का प्रयास ना करें। कैश वैन पर तैनात कर्मचारी कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन, केवाईसी तथा उसका पुराना रिकॉर्ड पूरी तरह से चेक किया जाना चाहिए। उसके पास कैश को सुरक्षित लाने ले जाने की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट जो हरियाणा प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी एक्ट के तहत निर्धारित किया गया है होना अनिवार्य है। इसके अलावा कैश वैन में जीपीएस होना अति आवश्यक है ताकि उसे किसी भी स्थान पर मॉनिटर किया जा सके। कैश वैन में किसी भी जानकार या अनजान व्यक्ति को लिफ्ट न दे। कैश वैन की टीम के पास फरीदाबाद के सभी थाना के एसएचओ, थाना और पुलिस कन्ट्रोल रुम के फोन नम्बर होने चाहिए। किसी भी अनहोनी घटना के समय तुरंत पुलिस को सूचना दे। एटीएम मशिन में पैस जमा करने के लिए संबंधित थाना और चौकी पुलिस टीम की पहले ही सहायता ले सकते है।

एटीएम मशीन की सुरक्षा हेतु जारी किए गए निर्देशों में कहा गया कि एटीएम मशीन में टाइम इलेक्ट्रॉनिक कंबीनेशन लॉक होना अनिवार्य है ताकि उसके साथ छेड़छाड़ की वारदातों को कम किया जा सके। एटीएम मशीन में शहरों में रात 9:00 बजे तथा ग्रामीण इलाकों में शाम 6:00 बजे के बाद पैसा डिपॉजिट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि देर शाम को लूट की सम्भावना अधिकर रहती है। प्रत्येक बैंक व एटीएम मशीन में एक हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड होना आवश्यक है जो वहां की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। प्रत्येक बैंक तथा एटीएम मशीन में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने चाहिए जिसमें 2 महीने तक की सीसीटीवी फुटेज स्टोर की जा सके। सीसीटीवी कैमरों को समय समय पर चेक करवाना सुनिश्चित करे। वैन में 10 लाख से अधिक कैश ले जाया जाता है तो इसके बारे में फरीदाबाद पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 0129 222 7200 पर इसकी सूचना देना अनिवार्य है। उक्त नियमों का पालन न करने पर हरियाणा पुलिस एक्ट 2007 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसमें 6 महीने की सजा तथा 10 हजार रूपए जुर्माने का प्रावधान है।

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