DC की फटकार के बाद भी नहीं दिखा B.K. अस्पताल में कोई सुधार

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Faridabad/Atulya Loktantra : उच्च अधिकारीयों की डांट खाने के आदी हो चुके सरकारी कर्मचारी कभी नहीं सुधर सकते हैं। बेकार हो चुका सरकारी तंत्र कितना भी कोई सुधारने की कौशिस करे हर बार प्रयास बेकार ही हो जाते हैं। ये सभी बाते जिले के एकमात्र सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पर सटीक बैठती हैं।

गत दिवस फरीदाबाद के जिला उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने सिविल अस्पताल (बी के हॉस्पिटल ) का औचक निरीक्षण किया था। स्वास्थ्य सेवाओं में पाई लापरवाही को लेकर डी सी साहेब ने डॉक्टरों और नर्सों को जमकर फटकार भी लगाई गई थी। एक बैड पर दो – दो मरीज देखने पर गुस्साए डीसी साहब ने एक नर्स को सस्पेंड करने के आदेश देते हुए डाक्टरों को आगे से ऐसी गलती न करने की चेतावनी भी दी थी।

उनके निरक्षण के दूसरे दिन भी हालात ज्यों के त्यों ही नजर आये। आज जब सिविल अस्पताल का रियलिटी चैक किया गया तो तस्वीरें कल जैसी ही नजर आई। एक बैड पर दो-दो मरीज लिटा रखे थे। एक ही स्टेंड पर दो ट्रिप बच्चों को लगा रखी हैं। खराब पडी हुई लिफ्ट अभी भी ठीक नहीं हुई।जिसके कारण आज भी बीमार और मरीज सीढियां चढकर ईलाज कराने के लिए विवश दिखाई दिए।

मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि उनके बच्चे बीमार हैं जिनके ईलाज के लिये कोई बैड उन्हें नहीं मिला इसलिये एक ही बैड पर दो बच्चों को लिटाया हुआ है। सिविल अस्पताल की प्रधान चिकित्सक सविता यादव से बात करने की कोशिश की तो मैडम ने मीडिया को समय देने से मना कर दिया। पीएमओ सविता ने कहा कि वह व्यस्त है उनके पास समय नहीं है।

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