किसी भी देश की तरक्की में बिजली कनेक्टिविटी का अहम रोल होता है : विधायक नरेंद्र गुप्ता

– बिजली सेक्टर के क्षेत्र में पिछले 8 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए : विधायक सीमा त्रिखा

फरीदाबाद, 30 जुलाई।  विधायक नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि पिछले 8 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिजली मंत्री आरपी सिंह के नेतृत्व में देश में पावर के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है 75 साल आजादी के पुरे होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है जब हम आजादी के 75 साल पूरे करे तो उसके बाद के पच्चीस साल हमने अमृत काल के रूप में मनाने है। उज्जवल भारत उज्जवल भविष्य कार्यक्रम पूरे देश में मनाया जा रहा है। विधायक नरेंद्र गुप्ता वाईएमसीए विश्वविद्यालय में आयोजित बिजली महोत्सव कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

विधायक नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य भी निभाना होगा तभी हमारा देश विश्व का सबसे संपन्न राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की तरक्की में बिजली कनेक्टिविटी का अहम रोल होता है। बिजली सेक्टर के क्षेत्र में पिछले 8 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं उसे पूरा करते हैं। बिजली के क्षेत्र में जो हम ने वर्ष 2030 में 40 प्रतिशत कार्य को पूरा करना था वह काम पिछले नवंबर माह 2021 में पूरा करने का ऐतिहासिक काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भरपूर मात्रा में बिजली मिल रही है।

विधायक सीमा त्रिखा ने कहा  बिना बिजली के सांसे भी नहीं है और कोरोना काल में साबित हुआ कि बिजली के बिना पढ़ाई भी नहीं है। दसवीं और बारवी की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए टैबलेट वितिरत किए, अपने शहर का अपने देश का भविष्य उज्जवल करने में हम सब सहयोगी बनेंगे। केंद्र सरकार और बिजली क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में उत्पादन क्षमता 2014 में 2,48,554 मेगावाट से बढ़कर आज 4,00,000 मेगावाट हो गई है। यह हमारी मांग से 1,85,000 मेगावाट अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात कर रहा है। 1,63,000 सीकेएम पारेषण लाइनें जोड़ी गई, जो पूरे देश को एक आवृत्ति पर चलने वाले एक ग्रिड में जोड़ती हैं। लद्दाख से कन्याकुमारी तक और कच्छ से म्यांमार सीमा तक यह दुनिया में सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड के रूप में उभरा है। इस ग्रिड का उपयोग करके देश के एक कोने से दूसरे कोने तक 1,12,000 मेगावाट बिजली पहुंचा सकते हैं। सीओपी 21 में वचन दिया था कि 2030 तक हमारी उत्पादन क्षमता का 40 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से होगा। हमने तय समय से 9 साल पहले नवंबर 2021 तक यह लक्ष्य हासिल कर लिया है। अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 1,63,000 मेगावाट बिजली पैदा करते हैं। दुनिया में अक्षय ऊर्जा क्षमता तेज गति से स्थापित कर रहे हैं। 2,01,722 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ हमने पिछले पांच वर्षों में वितरण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है।  2,921 नए सब-स्टेशन बनाकर, 3,926 सब-स्टेशनों का विस्तार, 6,04,465 सीकेएम एलटी लाइनें स्थापित करना, 2,68,838 11 स्थापित करना। केवी एचटी लाइनें, 1,22,123 सीकेएम कृषि फीडरों का फीडर पृथक्करण और स्थापना 2015 में ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति का औसत घंटे 12.5 घंटे था जो अब बढ़कर औसतन 22.5 घंटे हो गया है। सरकार ने बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 पेश किए हैं जिसके तहत- नया कनेक्शन प्राप्त करने की अधिकतम समय सीमा अधिसूचित की गई है। रूफ टॉप सोलर को अपनाकर अब उपभोक्ता बन सकते हैं उपभोक्ता। समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जाएगी। मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए समय-सीमा अधिसूचित की गई है। राज्य नियामक प्राधिकरण अन्य सेवाओं के लिए समय सीमा अधिसूचित करेगा।

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