शहर में ‘शिक्षा का व्यवसायीकरण’ हो बंद : ओ पी शर्मा

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Faridabad/Atulya Loktantra : शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने के लिए सीबीएसई, हुडा व् हरियाणा शिक्षा नियमावली ने जो नियम कानून बना रखे हैं स्कूल प्रबंधको को उनका पालन करना होगा – जाँच के बाद यह पाया गया कि स्कूल प्रबंधक इन नियम कानूनों का उल्लंघन करके मनमानी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ उचित कार्येवाही की जायेगी | यह बात चेयरमैन फीस व् फण्डस रेगुलेटरी कमीशन (एफएफआरसी) व् मंडल आयुक्त फरीदाबाद ने हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रतिनिधि मंडल से कही |

शुक्रवार को मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओ पी शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा, जिला अध्यक्ष शिव कुमार जोशी, जिला सचिव डा. मनोज शर्मा, अन्य सदस्य अशोक कुमार, बी एस विरदी, कुनाल मलिक, डी कपूर , रमन सूद, आशुतोष आनंद, अर्चना गोयल, ने चेयरमैन, एफएफआरसी से उनके सेक्टर 15अ स्थित केम्प कार्यालय में मुलाकात करके उन्हें 20 सूत्री मांगपत्र सोपकर मांग की कि प्राइवेट स्कूलो द्वारा किये जा रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण पर पूरी तरह से रोक लगाई जाये और सरकारी स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाये मुहैया कराई जाये, व् स्कूल में बच्चे के बस्ते का वजन भारत सरकार द्वारा निर्धारित किये गए वजन के बराबर रखा जाये, जिन प्राइवेट स्कूलों ने फॉर्म छ: के साथ अपनी बैलेंस शीट व् अपनी ऑडिट रिपोर्ट नहीं लगाई है उनके द्वारा की गई फीस बढोतरी व् उनके बनाये गैर कानूनी फण्ड पर रोक लगाई जाये |

एफएफआरसी को दिए गए अधिकार के तहत शिकायत के आधार पर व् 5% के हिसाब से स्कूलों का “लोट्स ऑफ़ ड्रा” निकाल कर उन स्कूलों का ऑडिट किया जाये, बातचीत के बाद चेयरमैन एफएफआरसी ने मंच को आश्वस्त किया की उन्हें जो अधिकार मिले है उनके अनुसार अभिभावकों के हित में उचित कार्येवाही जरुर की जाएगी |

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