बिना नोटिस के खोरी गांव तोडफ़ोड़ कर प्रशासन ने उजाड़ा गरीबों का आशियाना : डा. सुशील गुप्ता

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फरीदाबाद। राज्यसभा सांसद एवं आम आदमी पार्टी हरियाणा के सहप्रभारी डा. सुशील गुप्ता ने सूरजकुंड क्षेत्र के गांव खौरी में प्रशासन द्वारा की गई तोडफोड का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इस तोडफोड से दस हजार कच्चे-पक्के मकान ढहाए गए है। इसके अलावा यहां एक धार्मिक स्थल को भी तोड़ दिया गया, जो कि बेहद निदंनीय है। डा सुशील गुप्ता ने कहा कि खोरी गांव में 1970 से लोग बसे हुए है। यहां पर सरकार ने बिजली, पानी तथा अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई हुई है। लेकिन अचानक क्या हो गया कि वह इस गांव में बसे 50-60 हजार लोगों को उजाडने में लग गए है। श्री गुप्ता आज एनआईटी-3 स्थित गोल्फ क्लब में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष धर्मवीर भडाना, ओबीसी सैल के अध्यक्ष वेद प्रकाश यादव, संतोष यादव आदि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर 2020 को आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान लोगों से मिलकर हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने आश्वासन दिया था कि वह लोगों को उजडने नहीं देंगें। इसके लिए वह हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर से बात कर समस्या को हल करवायेंगे। इसके बावजूद प्रशासन बस्ती को उजाडने में लगा हुआ है। डा सुशील गुप्ता ने कहा हरियाणा की भाजपा सरकार कहती है कि वह किसी भी बस्ती को नहीं उजाडेंगे, दूसरी तरफ फरीदाबाद के इस खोरी गांव को उजाडने में अमादा है। यहीं नहीं वह कहते आए है कि किसी को भी उजाडने से पूर्व उनको स्थानीय पुनर्वास मुहैया करवाया जाएगा। लेकिन यहां उनका यह नियम लागू नहीं होता, ऐसा क्यों! हरियाणा सरकार ने मजदूरों के पुनर्वास हेतु 2003 में लागू की गई रिहैबिलिटेशन पॉलिसी में बदलाव करके 2015 तक बसे लोगों को पुनर्वास प्रदान करने की योजना की बात कही थी। डा गुप्ता ने कहा कि बिना कोई सूचना के पुलिस और प्रशासन आता है और तोडफोड की कार्यवाही कर चलता बनता है। प्रशासन ने बस्ती में बनें मकान ही नहीं, बल्कि एक धार्मिक स्थल को भी तोड डाला। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है यह कार्यवाही नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की है, जबकि सच्चाई यह है कि कोर्ट में अभी मुकदमा चल रहा है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद नगर निगम के संयुक्त आयुक्त प्रशांत अटकान का बयान मीडिया में आया है कि यहां लोगों ने जमीन खरीदकर मकान बनाए है, यह बात खोरी गांव के निवासियों ने ही उनको बताई थी, कि कई वर्ष पहले आसपास के एक गांव के डीलर से पांच हजार प्रति गज जमीन खरीदी है। सरकार डीलरों पर तो कोई कार्यवाही नहीं कर रही, बल्कि अपना सबकुछ बेचकर आशियाना बनाने वालों को उजाडने में लगी है। यहां बिजली, पानी की आपूर्ति की जाती है। खोरी गांव निवासी पिछले दिनों नगर निगम द्वारा की गई तोफोड के विरोध में लोगों ने सेक्टर बाहर में लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया।

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