राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के खाते में बिना देरी आएगी भत्ता राशि : उपायुक्त जितेंद्र यादव

फरीदाबाद, 23 अगस्त। जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव ने बताया कि राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाले सरकारी भत्ते बिना देरी के सीधी आनलाइन खाते में आएंगे। उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने बताया कि पोर्टल पर विद्यार्थियों के खाता नंबर गलत हैं जो कि अभी विद्यार्थियों के जो खाते पीएफएमएस पोर्टल पर दर्शाए गए हैं उनमें से अधिकतर के अकाउंट नंबर भी ठीक नहीं हैं। बैंक मर्ज होने के कारण आईएफएससी कोड बदलने से भी दिक्कत आ रही है। इससे भी इन बच्चों के खाते में समय पर सरकारी भत्ते नहीं आ पा रहे हैं।

उपायुक्त ने बताया कि अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड में से अगर एक भी संख्या गलत होगी तो मिसमैच का मैसेज आएगा। जिससे विद्यार्थी खाते में पैसे आने से वंचित हो रहे है। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के बैंक खातों के अकाउंट वेरिफिकेशन पोर्टल बनाया है।

उन्होंने बताया कि पीएफएमएस डाटा यानी पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम पर जो डाटा है, वह दुरुस्त नहीं है। जिसके चलते विभाग ने नया पोर्टल बनाया है। इस पर जो डाटा अपलोड होगा वह पहले अपडेट किया जाएगा।

खण्ड शिक्षा अधिकारी बलबीर कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की हिदायतों के अनुसार स्टूडेंट अकाउंट पोर्टल शिक्षा विभाग ने बनाया है। इस पर सभी विद्यार्थियों के अपडेट अकाउंट अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से दिए जाने वाले भत्ते बिना देरी के खाते में आएंगे। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से भत्ता व प्रोत्साहन राशि में कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी श्रेणी के छात्रों के लिए निशुल्क वर्दी योजना है। इसके साथ ही पहली से पांचवी तक के 800 रुपए प्रति विद्यार्थी दिए जाते हैं। छठी से आठवीं तक के एक हजार रुपए प्रति विद्यार्थी नॉन एससी छात्र को मुफ्त स्कूल बैग मिलते हैं। पहली से पांचवी तक के 120 रुपये प्रति विद्यार्थी दिए जाते हैं। छठी से आठवीं तक के 150 रुपए प्रति विद्यार्थी नॉन एससी छात्र को मुफ्त लेखन सामग्री दी जाती है। उन्होंने आगे बताया कि पहली से पांचवीं तक के 100 रुपए प्रति विद्यार्थी सरकार द्वारा दिए जाते है। उन्होंने आगे बताया कि इससे ऊपर की क्लास में भी छात्रवृत्ति आती है। पोर्टल अपडेट होने से पात्र विद्यार्थियों को सरकार की ओर से भेजी गई राशि समय से खाते में मिल जाएगी।

नए पोर्टल पर अपडेट नंबर अपलोड होंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने जो नया पोर्टल बनाया है। उस पोर्टल पर अध्यापक बच्चों के सही खाते नंबर सही आईएफएससी कोड के साथ अपलोड करेंगे, इस प्रकार के आदेश मुख्यालय से आए हैं। इस बारे सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को हिदायतों के बारे में बता दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूल मुखियाओं को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी टीचर्स को बताए जिससे नई व्यवस्था के तहत पोर्टल पर डाटा अपलोड हो सके।

उन्होंने बताया कि नए पोर्टल को लेकर शिक्षा विभाग महानिदेशक के साथ वीडियो कांफ्रेंस की है। जिसमें शिक्षा विभाग अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं।

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