सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अनुभव देने के लिए समझौता

– जे.सी. बोस विश्वविद्यालय एवं बरेजा सोलर एंड प्रोजेक्ट्स के बीच समझौता
फरीदाबाद, 7 सितम्बर – उभरती प्रौद्योगिकी से विद्यार्थियों को परिचित करवाने तथा अनुभव देने के लिए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रही बरेजा सोलर एंड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ समझौता किया हैं।
इस समझौता पर विश्वविद्यालय से कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग तथा कम्पनी से निदेशक श्री अनिल बरेजा ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर अध्यक्ष इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष प्रो. पूनम सिंघल, निदेशक इंडस्ट्री रिलेशन्स डॉ. रश्मि पोपली और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के संकाय सदस्य उपस्थित थे।
समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रो दिनेश कुमार ने कहा कि अक्षय ऊर्जा संसाधन एवं प्रौद्योगिकी भविष्य नहीं अपितु वर्तमान की प्रौद्योगिकी है। इस क्षेत्र में शोध एवं अभिनव परियोजनाओं को लेकर अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह साझेदारी विभिन्न औद्योगिक प्रणालियों में इंजीनियरिंग मानकों के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा और अन्य उच्च तकनीकी उत्पादों में विशेषज्ञता के अनुसार प्रशिक्षण और परामर्श में विशेषज्ञता को बढ़ावा देगी, जिससे विद्यार्थियों का कौशल विकास होगा।
इस अवसर पर बोलते हुए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष प्रो. पूनम सिंघल ने बताया कि समझौते के तहत कंपनी विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा उद्योग के लिए जरूरी व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए सेमिनार और तकनीकी पाठ्यक्रमों का आयोजन करेगी। उन्होंने आशा जताई की कि इस सहयोग से विद्यार्थियों को आवश्यक कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी।

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