भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और एपीएमसी एक्ट की सिफारिशें करने के असली दोषी – प्रेम सिंह धनखड़

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फरीदाबाद ( अतुल्य लोकतंत्र ) : जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा पर हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तीन नए कृषि कानूनों के नुकसान के बारे में चर्चा नही करना तथा इसके विपरीत नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा सदन में अपने भाषण की पहली लाईन में यह स्पष्ट कर देना कि वे कृषि कानूनों पर चर्चा नहीं करेंगे सरासर किसानों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात व धोखा है तथा इससे यह भी साबित हो गया है कि ये तीनों नए कृषि कानूनों के बनाने के असली दोषी खुद विपक्ष के नेता चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा हैं और उस समय की केन्द्र की सरदार मनमोहन सिंह सरकार रही है।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि इससे चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस की सोच जगजाहिर कर दी कि ये कितनी गंभीर सोच के साथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। इस प्रकार अविश्वास प्रस्ताव लाना कांग्रेसी नेताओं की दोगली नीति को प्रमाणित करता है। यह अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नही बल्कि कुछ नेताओं को सिर्फ किसानों में बदनाम करने के लिए लाए थे। जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि सदन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खुद कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और एपीएमसी एक्ट की सिफारिशें करने की बात कबूली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों ने पहले तो कृषि कानूनों को देशवासियों के आगे काला कानून बताया और फिर गलत तरीके से पेश करते हुए किसानों को भड़काया। वहीं कांग्रेसी नेताओं ने सदन में स्वीकारा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कमेटी द्वारा ही इन कानूनों की सिफारिशें की गई थी।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि सदन की पिछले कई दिनों की कार्रवाई में कांग्रेसियों की फ्रस्ट्रेशन देखने को मिली है और धीरे-धीरे अपनी सारी पोल खुद ही खोल दी है। धनखड़ ने एमएसपी को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार को लेकर कांग्रेसियों को चुनौती दी कि कांग्रेस शासित पड़ोसी प्रदेश राजस्थान और पंजाब में वे एक अप्रैल से हरियाणा के बराबर की संख्या में फसलों को एमएसपी पर खरीदकर दिखाएं।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा किसानों के इतने ही हितैषी होते तो किसानों की जमीनें लूटवाकर प्राइवेट बिल्डरों को करोड़ों रूपयों का फायदा ना पहुंचाते। उन्होंने कहा कि अपने दस साल के राज में कांग्रेस सरकार में सेक्शन-4, 6, 9 लाने के बाद जब किसानों की जमीन अधिग्रहण का समय आता था तो निर्णय बदल दिये जाते थे। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि किसानों की जमीन प्राइवेट बिल्डरों के नाम होने के बाद उसे बेचकर करोड़ों रूपए का मुनाफा किसको दिया जाता था ? धनखड़ ने पूछा कि बीपीटीपी किसकी कंपनी है ? आज प्रदेश में ग्रीन बेल्ट में किसके पेट्रोल पंप लगे हैं ? किसानों से जबरदस्ती हजारों एकड़ जमीन छीनकर रिलायंस कंपनी को किसने दी ? धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस ने इस तरीके से किसानों की लगभग 70 हजार एकड़ से ज्यादा जमीनें 10 साल में लूटवाने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज यह नारा लगता है कि “हुड्डा तेरे राज में किसान की जमीन गई ब्याज में”।

धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस के दस साल के राज में उनके दरवाजे पर आए शिक्षकों पर ना केवल गोलियां चलाई गई बल्कि मारूति कंपनी में जाकर कर्माचारियों पर लाठीचार्ज भी किया। धनखड़ ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों पर बल प्रयोग नहीं किया और आंदोलरत किसानों के साथ हमारी पूरी सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों की जानें गई है उनका हमें दुख है और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। धनखड़ ने सत्ता पक्ष के लोगों का गांवों में विरोध होने की बात का जवाब देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में हर किसी को मर्यादित ढंग से विरोध करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने हुड्डा शासन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों को याद दिलाया और कहा कि कांग्रेस के शासन काल में भी पानीपत में मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारे जाने और रोहतक में चुड़िया फेंकने जैसी घटनाएं हुई थी। ये लोग अपने समय में हुए विरोध को ना भूलें। धसनखर ने कहा कि हरियाणा नंबर-1 का नारे देने वालों को प्रदेशवासियों ने तीसरे नंबर पर भेज दिया था।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यन्त चौटाला की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले दो सीजन की खरीफ-रबी की फसलें जजपा+भाजपा गठबंधन सरकार ने 30 हजार करोड़ रूपये की किसानों की अलग-अलग प्रकार की फसलें एमएसपी पर खरीदी हैं। उन्होंने कहा कि कोविड काल में गेहूं के लिए करीब 1800 खरीद केंद्र बनाए, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए रात को मंडी में नहीं सोना पड़ा। धनखड़ ने कहा कि सम्माननीय उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने इस बार भी किसानों को विश्वास दिलाया है कि अबकी बार भी मंडियों में बेहतर व्यवस्था होगी। आढ़ती द्वारा जे फॉर्म कटने के बाद दो दिन में फसल का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।

भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और एपीएमसी एक्ट की सिफारिशें करने के असली दोषी – प्रेम सिंह धनखड़

फरीदाबाद ( अतुल्य लोकतंत्र ) : जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा पर हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तीन नए कृषि कानूनों के नुकसान के बारे में चर्चा नही करना तथा इसके विपरीत नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा सदन में अपने भाषण की पहली लाईन में यह स्पष्ट कर देना कि वे कृषि कानूनों पर चर्चा नहीं करेंगे सरासर किसानों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात व धोखा है तथा इससे यह भी साबित हो गया है कि ये तीनों नए कृषि कानूनों के बनाने के असली दोषी खुद विपक्ष के नेता चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा हैं और उस समय की केन्द्र की सरदार मनमोहन सिंह सरकार रही है।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि इससे चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस की सोच जगजाहिर कर दी कि ये कितनी गंभीर सोच के साथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। इस प्रकार अविश्वास प्रस्ताव लाना कांग्रेसी नेताओं की दोगली नीति को प्रमाणित करता है। यह अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नही बल्कि कुछ नेताओं को सिर्फ किसानों में बदनाम करने के लिए लाए थे। जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि सदन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खुद कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और एपीएमसी एक्ट की सिफारिशें करने की बात कबूली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों ने पहले तो कृषि कानूनों को देशवासियों के आगे काला कानून बताया और फिर गलत तरीके से पेश करते हुए किसानों को भड़काया। वहीं कांग्रेसी नेताओं ने सदन में स्वीकारा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कमेटी द्वारा ही इन कानूनों की सिफारिशें की गई थी।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि सदन की पिछले कई दिनों की कार्रवाई में कांग्रेसियों की फ्रस्ट्रेशन देखने को मिली है और धीरे-धीरे अपनी सारी पोल खुद ही खोल दी है। धनखड़ ने एमएसपी को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार को लेकर कांग्रेसियों को चुनौती दी कि कांग्रेस शासित पड़ोसी प्रदेश राजस्थान और पंजाब में वे एक अप्रैल से हरियाणा के बराबर की संख्या में फसलों को एमएसपी पर खरीदकर दिखाएं।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने कहा कि चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा किसानों के इतने ही हितैषी होते तो किसानों की जमीनें लूटवाकर प्राइवेट बिल्डरों को करोड़ों रूपयों का फायदा ना पहुंचाते। उन्होंने कहा कि अपने दस साल के राज में कांग्रेस सरकार में सेक्शन-4, 6, 9 लाने के बाद जब किसानों की जमीन अधिग्रहण का समय आता था तो निर्णय बदल दिये जाते थे। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि किसानों की जमीन प्राइवेट बिल्डरों के नाम होने के बाद उसे बेचकर करोड़ों रूपए का मुनाफा किसको दिया जाता था ? धनखड़ ने पूछा कि बीपीटीपी किसकी कंपनी है ? आज प्रदेश में ग्रीन बेल्ट में किसके पेट्रोल पंप लगे हैं ? किसानों से जबरदस्ती हजारों एकड़ जमीन छीनकर रिलायंस कंपनी को किसने दी ? धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस ने इस तरीके से किसानों की लगभग 70 हजार एकड़ से ज्यादा जमीनें 10 साल में लूटवाने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज यह नारा लगता है कि “हुड्डा तेरे राज में किसान की जमीन गई ब्याज में”।

धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस के दस साल के राज में उनके दरवाजे पर आए शिक्षकों पर ना केवल गोलियां चलाई गई बल्कि मारूति कंपनी में जाकर कर्माचारियों पर लाठीचार्ज भी किया। धनखड़ ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों पर बल प्रयोग नहीं किया और आंदोलरत किसानों के साथ हमारी पूरी सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों की जानें गई है उनका हमें दुख है और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। धनखड़ ने सत्ता पक्ष के लोगों का गांवों में विरोध होने की बात का जवाब देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में हर किसी को मर्यादित ढंग से विरोध करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने हुड्डा शासन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों को याद दिलाया और कहा कि कांग्रेस के शासन काल में भी पानीपत में मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारे जाने और रोहतक में चुड़िया फेंकने जैसी घटनाएं हुई थी। ये लोग अपने समय में हुए विरोध को ना भूलें। धसनखर ने कहा कि हरियाणा नंबर-1 का नारे देने वालों को प्रदेशवासियों ने तीसरे नंबर पर भेज दिया था।

जजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह धनखड़ ने उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यन्त चौटाला की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले दो सीजन की खरीफ-रबी की फसलें जजपा+भाजपा गठबंधन सरकार ने 30 हजार करोड़ रूपये की किसानों की अलग-अलग प्रकार की फसलें एमएसपी पर खरीदी हैं। उन्होंने कहा कि कोविड काल में गेहूं के लिए करीब 1800 खरीद केंद्र बनाए, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए रात को मंडी में नहीं सोना पड़ा। धनखड़ ने कहा कि सम्माननीय उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने इस बार भी किसानों को विश्वास दिलाया है कि अबकी बार भी मंडियों में बेहतर व्यवस्था होगी। आढ़ती द्वारा जे फॉर्म कटने के बाद दो दिन में फसल का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।

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