पांचवें नवरात्रे पर वैष्णोदेवी मंदिर में हुई मां स्कंद माता की भव्य पूजा, भक्तों से कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील

फरीदाबाद। नवरात्रों के पांचवें दिन सिद्धपीठ मां वैष्णोदेवी मंदिर तिकोना पार्क में मां स्कंदमाता की भव्य पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर मंदिर में प्रातकालीन आरती के दौरान मां स्कंदमाता की पूजा और हवन यज्ञ किया गया। श्रद्धालुओं ने स्कंदमाता से मन की मुराद मांगी। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा के लिए पधारे श्रद्धालुओं ने मां से आर्शीवाद मांगा। इस मौके पर सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया। काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर मा स्कंद की पूजा की और अर्शीवाद ग्रहण किया। इस अवसर पर विशेष तौर पर मंदिर में मौजूद प्रधान जगदीश भाटिया ने मंदिर में आने वाले भक्तों से कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील की। बता दें कि नवरात्रों के विशेष पावन अवसर पर मंदिर में कोरोना वैक्सीन का कैंप लगाया गया है। श्री भाटिया ने कहा कि कोरोना से लड़ाई लडऩे के लिए सभी लोगों को वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए। तभी हम इस जानलेवा बीमारी से जीत पाएंगे। उन्होंने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से सोशल डिस्टेंस और मास्क लगाने के नियमों का पालन करने की भी अपील की। पूजा अर्चना के अवसर पर श्री भाटिया ने श्रद्धालुओं को स्कंद माता के धार्मिक एवं पुरौणिक इतिहास की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मां स्कंद को केले का फल अति प्रिय है और उन्हें हरा रंग बेहद ही भाता है। उन्होंने कहा कि जब देवी पार्वती भगवान स्कंद की माता बनीं, तब माता पार्वती को देवी स्कंदमाता के रूप में जाना गया। वह कमल के फूल पर विराजमान हैं, और इसी वजह से स्कंदमाता को देवी पद्मासना के नाम से भी जाना जाता है। देवी स्कंदमाता का रंग शुभ्र है, जो उनके श्वेत रंग का वर्णन करता है। जो भक्त देवी के इस रूप की पूजा करते हैं, उन्हें भगवान कार्तिकेय की पूजा करने का लाभ भी मिलता है। भगवान स्कंद को कार्तिकेय के नाम से भी जाना जाता है।

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