कोरोना पीडि़त परिवार को ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

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जे.सी. बोस विश्वविद्यालय और फरीदाबाद प्रशासन की पहल
फरीदाबाद, 3 मई । देशभर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दृृष्टिगत ऑक्सीजन की भारी मांग ने कोरोना से पीडि़त मरीजों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक सुव्यवस्थित प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के महत्व को बढ़ा दिया है। सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में एक बार फिर से आगे आते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने जिला प्रशासन फरीदाबाद तथा अपने पूर्व छात्र संघ – वाईएमसीए मॉब के साथ मिलकर ऑक्सीजन के लिए संघर्ष कर रहे कोरोना संक्रमित रोगियों की मदद के लिए एक सार्थक पहल की है। विश्वविद्यालय जिला प्रशासन फरीदाबाद एवं वाईएमसीए मॉब के सहयोग से विश्वविद्यालय ने एक ‘ऑक्सीजन रिफिलिंग प्रबंधन प्रणाली’ विकसित की है। इस प्रणाली के माध्यम से कोरोना संक्रमित ऐसे रोगी जिन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता है, उन्हें पंजीकरण करवाना होगा, जिसके लिए पंजीकरण लिंक जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। पंजीकरण के लिए रोगी को अपने आधार कार्ड विवरण के साथ एसपीओ2 वेल्यू (ऑक्सीजन का स्तर) दर्ज करवानी होगी। इस पहल से कोरोना पीडि़त परिवार के सदस्यों को ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने के लिए इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा और न ही इसके लिए लम्बी कतार में इंतजार करना होगा। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने इस सार्थक पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने हमेशा अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी है। विश्वविद्यालय कोविड़ केयर सेंटर के लिए हॉस्टल पहले ही जिला प्रशासन को दे चुका है, और अब ऑक्सीजन रिफिलिंग मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करके विश्वविद्यालय का प्रयास ऐसे गंभीर कोरोना रोगियों की मदद करना है, जो सांस की तकलीफ से जूझ रहे है और सही समय पर ऑक्सीजन प्रदान करके उनके जीवन को बचाया जा सकता है। जिला प्रशासन की इस पहल को जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विभागाध्यक्ष प्रो.नीलम तुर्क की देखरेख में संकाय समन्वयक डॉ. रश्मि चावला और संगीता ढल्ल द्वारा संचालित किया जा रहा है। एसडीएम बल्लभगढ़ अपराजिता ने इस पहल के बारे में बताते हुए कहा कि यह फरीदाबाद जिले में घर पर आइसोलेटेड ऐसे रोगियों, जिन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता होती है, के लिए ऑक्सीजन के वितरण को सुव्यवस्थित करने का एक प्रयास है। पंजीकरण लिंक पर पंजीकरण करवाने वाले ऐसे रोगियों के दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल के लिए सही ऑक्सीजन प्लांट की जानकारी प्रदान की जायेगी, जहां से वे निर्धारित शुल्क का भुगतान करके अपना ऑक्सीजन सिलेंडर भरवा सकेंगे।

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