बाल मजदूरी के जड़ से खात्मे के लिए सभी को होना होगा कृतसंकल्पित: प्रवीण अत्री

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ओस्का संस्था ने बाल मजदूरी कारण और निवारण विषय पर किया ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन

राष्ट्रीय ऑनलाइन वेबिनार में मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने की मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत

करनाल: आज दिनांक जून 12, 2021 को ओस्का और हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, हरियाणा सरकार के संयुक्त तत्वाधान में एक वेबीनार का सफल आयोजन किया गया जिसका विषय बाल मजदूरी: कारण एवं निवारण रहा। इस कार्यक्रम का प्रारंभ भारतीय संस्कृति और परंपरा के आधार पर ओस्का के नेतृत्व में डॉ आबिद अली के कर कमलों द्वारा हुआ। इस वेबीनार के बीजवक्ता श्री प्रवीण अत्री, मानद महासचिव, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद रहे। श्री प्रवीण अत्री ने बाल मजदूरी के संदर्भ में अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि यह एक अभिशाप है जो बच्चों से उनका बचपन हरण कर रहा है। जो अच्छे सामाजिक चेतना के सूचक नहीं हैं। भारत में बाल मजदूरी के अनेकों दृश्य और अदृश्य कारण हैं, जिससे इसको बढ़ावा मिलता है। इसमें गरीबी, अशिक्षा, जागरूकता का ना होना इत्यादि शामिल हैं जिससे बच्चे अपने जीवन के उद्देश्यों की प्राप्ति नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि यह समस्या भारत की नहीं अपितु पूरे विश्व की है, जिससे बच्चे अपने बचपन से दूर चले जाते हैं और किशोरावस्था में कार्य करने के लिए विवश हो जाते हैं। भारत में बाल मजदूरी का सबसे ज्यादा अनुपात उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से है। आज अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से इस अभिशाप को दूर करने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद बाल श्रम को रोकने के लिए जल्द नई योजना को अमलीजामा पहनाने जा रही है। जिसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। इस कार्यक्रम के संसाधन व्यक्ति श्री विवेक त्रिवेदी रहे जो एक कर्मठ सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने संगोष्ठी में अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी बुराई का प्रारंभ सामाजिक चेतना के अभाव में होता है। इसलिए सबसे पहले हमारा संयुक्त दायित्व है कि हम समाज में जागरूकता को स्थापित करें और इसके लिए प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करना अनिवार्य है। भारतीय समाज की संरचना के आधार पर कार्य करके धन कमाने की प्रवृत्ति अभिभावकों की है। जिससे परिवार का निर्वहन किया जा सके। लेकिन कई माता-पिता धन के लालच में अपने बच्चों से कार्य करवाते हैं जो कि पूर्णःत अनुचित है। इसलिए अभिभावकों का यह परम कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को सार्थक शिक्षा प्रदान करें। इसके साथ-साथ समाज में अनेक ऐसे कारक हैं जिससे बाल मजदूरी को बढ़ावा मिलता है। जिसमें निर्धनता, अज्ञानता और जागरूकता का अभाव है। इसलिए केवल सैद्धांतिक स्तर पर बाल मजदूरी को दूर नहीं किया जा सकता बल्कि इसे दूर करने के लिए व्यवहारिकता की आवश्यकता है। इसी श्रंखला में वेबीनार के मुख्य संरक्षक डॉ धर्मपाल जी, सहायक क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू, करनाल रहे। उन्होनें विषय की सार्थकता सिद्ध करते हुए कहा कि बाल मजदूरी पारिवारिक साधनों के अभाव अशिक्षा, गरीबी और अनेकों ऐसे कारण हैं जिससे बच्चों का बचपन छिन जाता है और वह मजदूरी करने के लिए विवश हो जाते हैं। इसलिए यह एक सामाजिक अभिशाप है जो परिवार, समाज और राष्ट्र की गरिमा को धूमिल करती है। अतः इसे दूर करने के लिए सरकार द्वारा निर्मित किए गए कानूनों और प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करके दूर किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में करनाल जिले के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश चानना, भूतपूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र मान बाल कल्याण समिति करनाल ने भी सहभागियों के समक्ष अपने विचारों को साझा किया। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ राकेश कुमार, संयोजक सचिव डाॅ प्रवेश कुमार ने कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की और वक्ताओं का संक्षिप्त परिचय दिया। सलाहकार समिति में डॉ गुरचरण, डॉ अश्वनी, डॉ कुलदीप पुनिया, डॉ हरविंदर लोंगोवाल, मनप्रीत सिंह, डॉ वकील, डाॅ सतबीर तथा डॉ करम सिंह देशवाल के नाम उल्लेखनीय हैं। इस कार्यक्रम की सफलता के कर्णधार और ओस्का के संरक्षक डॉ चंद्रपाल पुनिया तथा ओस्का के अध्यक्ष श्री राजपाल सिंह के अनथक प्रयास रहे जिससे इस कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो पाया है। इस वेबीनार में लगभग 700 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति विभिन्न ऑनलाइन मंचों के माध्यमों से दर्ज कराई। सभी सहभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन व तकनीकी सत्र का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन डॉ अशोक कुमार शर्मा द्वारा किया गया। मंच का सफल संचालन डाॅ आबिद अली द्वारा किया गया।

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