3 वर्षों के कार्यकाल में बाल कल्याण परिषद ने दर्ज की ऐतिहासिक उपलब्धियां-कृष्ण ढुल

25

चंडीगढ़: हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने 3 वर्षों के कार्यकाल का लेखा जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने बाल कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक और सराहनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। उनका मानद महासचिव के रूप में 3 वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि वे राज्यपाल एवं प्रधान हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद श्री सत्यदेव नारायण आर्य और सीएम व उपप्रधान हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद श्री मनोहर लाल के आभारी हैं। जिन्होंने उन्हें मानद महासचिव के रूप में कार्य करने का अवसर प्रदान किया। नव नियुक्त मानद महासचिव प्रवीण अत्री को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि 3 वर्षों के कार्यकाल की शुरुआत में परिषद आर्थिक तंगी से जूझ रही थी लेकिन अब 3 वर्ष पूरे होने पर हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद वित्तीय रूप से बेहद मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बजट के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 करोड़ रुपये बाल कल्याण की गतिविधियों के लिए मंजूर किए गए थे। बजट में संशोधन करते हुए 15 करोड रुपए और मंजूर कराए गए। जो जल्द बाल कल्याण की गतिविधियों पर खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि 2021-22 वित्तीय वर्ष के लिए 25 करोड रुपए सरकार के बजट में पारित करवा लिए गए हैं। इससे पहले आर्थिक संकट से जूझ रही हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद को बाल कल्याण की गतिविधियां और कार्य करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि परिषद बाल कल्याण के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए परिषद बड़ा प्लेटफॉर्म मुहैया करवा रही है। जिसके माध्यम से बच्चे अपनी प्रतिभाओं को निखार रहे हैं। कृष्ण ढुल ने कहा कि गुरुग्राम में लगभग 22 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित देश के सबसे बड़े बाल भवन का उद्घाटन हुआ है। गुरुग्राम में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हेली मंडी बाल भवन गुरुग्राम का उद्घाटन हुआ है। जिसकी लागत 13 करोड़ रुपये है। नूंह में बाल भवन 2 करोड़, 26 लाख, फिरोजपुर झिरका 2 करोड़ 26 लाख, पिंनगवा बाल भवन 2 करोड़ 26 लाख, जबकि नरवाना मिनी बाल भवन के लिए 2 करोड़ 65 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य बाल कल्याण की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। जिसके माध्यम से सभी बच्चे अपना बचपन जी सकें। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण के लिए पिछले 3 वर्षों में अनेकों योजनायें बाल संगम, बाल समन्वय व ऑनलाइन प्रतियोगितायें शुरू की गई है। जिनके माध्यम से बाल कल्याण के क्षेत्र में परिषद सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बस कुछ चीजें अधूरी रहीं। जिनमें बाल भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी मुख्य हैं और समाज का दायित्व बनता है कि समाज इन कुरीतियों व बुराइयों को जड़ से उखाड़ फैंके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here