किसान आंदोलन: बहादुरगढ़ से रेवाड़ी पहुंचे किसान, कैथल में मंत्री-विधायक की कोठी घेरी

Chandigarh/Atulya Loktantra: तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। शनिवार को किसान संगठनों ने टिकरी बॉर्डर से रोहतक-रेवाड़ी नेशनल हाईवे-71 की ओर कूच कर दिया। दिल्ली-जयपुर हाईवे के खेड़ा बॉर्डर (राजस्थान) पर 21 दिन से चल रहे धरने पर जा रहे इन प्रदर्शनकारियों ने अंधेरा होने के चलते टोल प्लाजा पर ही पड़ाव डाल लिया। किसानों ने गंगायचा टोल को फ्री कराया। वहीं सड़क के बीच में बिस्तर डाल लिए। यहां से किसान रविवार सुबह खेड़ा बॉर्डर के लिए रवाना होंगे। उधर, कैथल में राज्यमंत्री कमलेश ढांडा व विधायक लीलाराम की कोठियों का भी किसानों ने घेराव किया।

किसान आंदोलन: बहादुरगढ़ से रेवाड़ी पहुंचे किसान

किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिसबल तैनात करके बैरिकेड्स लगाए, लेकिन किसानों ने ट्रैक्टर से इन्हें भी तोड़ दिया। लाठियों की ढाल बनाकर भी रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को पीछे धकेलते हुए किसान राज्यमंत्री की कोठी के सामने जा बैठे। राज्यमंत्री व विधायक की कोठियों का एक-एक घंटा घेराव किया। करनाल के तरावड़ी में राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में साइंस लैब का उद्‌घाटन करने पहुंचे नीलाेखेड़ी विधायक धर्मपाल गोंदर को भी किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा।

किसान आंदोलन: बहादुरगढ़ से रेवाड़ी पहुंचे किसान, कैथल में मंत्री-विधायक की कोठी घेरी
किसान आंदोलन: बहादुरगढ़ से रेवाड़ी पहुंचे किसान, कैथल में मंत्री-विधायक की कोठी घेरी

कार्यक्रम के दौरान स्कूल के गेट पर किसानाें ने काले झंडे लहराकर नारेबाजी की। पुलिस ने किसानों को गेट पर रोके रखा और विधायक को दूसरी गाड़ी में बैठाकर पिछले गेट से निकाला। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली में प्रेसवार्ता कर ऐलान किया कि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 26 जनवरी के कार्यक्रम में किसान दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर एक किसान ने आत्महत्या कर ली। अब तक 29 किसानों की आंदाेलन के दौरान मौत हो चुकी है।

किसानों की आगे की रणनीति

  • 4 जनवरी की वार्ता विफल रहती है तो 6 जनवरी को केएमपी एक्सप्रेस-वे पर ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।
  • शाहजहांपुर पर मोर्चा लगाए किसान भी दिल्ली की तरफ कूच करेंगे।
  • 6 जनवरी से 20 जनवरी तक ‘देश जागृति पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। देश के हर जिले में धरने व पक्के मोर्चे आयोजित किए जाएंगे।
  • 13 जनवरी को लोहड़ी/संक्रांति पर देशभर में ‘किसान संकल्प दिवस’ मनाया जाएगा। कानूनों की प्रतियां जलाईं जाएंगी।
  • 18 जनवरी को महिला किसान दिवस मनाकर देश की खेती में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
  • 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की याद में ‘आजाद हिंद किसान दिवस’ मनाकर सभी राजधानियों में राज्यपाल के निवास के बाहर किसान डेरा डालेंगे।
  • दिल्ली के चारों ओर लगे मोर्चों से किसान 26 जनवरी को दिल्ली में प्रवेश कर ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ ‘किसान गणतंत्र परेड’ करेंगे।
  • सुसाइड नोट में लिखा- जान दे रहा हूं, ताकि हल निकले

गाजीपुर बॉर्डर पर एक किसान ने आत्महत्या कर ली। मरने वाले किसान का नाम कश्मीर सिंह है। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, ‘आखिर हम कब तक यहां सर्दी में बैठे रहेंगे। सरकार सुन नहीं रही है, इसलिए अपनी जान दे रहा हूं। ताकि कोई हल निकले।’ उन्हाेंने इच्छा जताई कि दिल्ली की गाजीपुर सीमा पर ही उनका अंतिम संस्कार किया जाए। कश्मीर सिंह बेटे और पाेते के साथ शुरू से ही आंदोलन में शामिल थे। उन्होंने शनिवार को धरनास्थल पर ही बने शाैचालय में जाकर फांसी लगा ली।

अमरिंदर काे मारने की धमकी वाले पाेस्टर लगे

पंजाब में सीएम अमरिंदर सिंह को जान से मारने की धमकी वाले पाेस्टर लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद राज्य पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। उसके मुताबिक, माेहाली के सेक्टर 66-67 क्रॉसिंग के पास गाइड मैप पर पाेस्टर चिपकाया गया था। इसमें मुख्यमंत्री की हत्या करने वाले को 10 लाख डॉलर (7.30 कराेड़ रुपए) का इनाम देने की पेशकश की गई थी। पोस्टर पर एक ई-मेल आईडी भी लिखा पाया गया है।

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