गांवों में किसानों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान के तहत किसान गोष्ठी आयोजित

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रतन सिंह
होडल। “आओ मिलकर फलदार वृक्ष लगायें ।
 गांव एवं किसानों को खुशहाल बनायें। ” का नारा लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ शक्ति सिंह रावत ने
 किसानों की आमदनी बढ़ाने व पर्यावरण बचाने के उद्देश्य से गांव जेंदापुर व अतरचटा में समाजिक संस्था केबीसी वेल्फेयर सोसाइटी पलवल एवं एसजीआई संस्था के सोजन्य से किसान गोष्ठी का आयोजन किया।  संगोष्टी में अपने विचार व्यक्त करते हुए ड़ॉ शिवसिंह रावत ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से हमारा प्रयास  है की फलदार पौधारोपण से किसानों एवं गांवों को खुशहाल तथा आत्म निर्भर बनाया जाये। इससे पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा। ड़ॉ रावत ने किसानों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। उन्होँने बताया की अगले साल तक पलवल जिले के गांवों में 15 लाख फल वाले पौधे लगवाए जाएंगे। सभी लोग मिलकर पौधारोपण कार्यक्रम को सफल बनाये।
इसी संदर्भ में डॉ शिव सिंह रावत ने रविवार को मनुवास गांव में एसजीआई संस्था द्वारा संचालित नर्सरी का दौरा किया। फल वाले पौधों के बारे मे एसजीआई के संस्थापक राजमोहन एवं कृषि विभाग से सेवानिवृत डॉ महाबीर मलिक से विचार विमर्श किया। उनके साथ मे कृषि विशेषज्ञ डॉ महावीर मलिक ने किसानों को कृषि संबंधित जानकारी दी।
ड़ॉ शिवसिंह रावत द्वारा गांवों में फलदार पौधों के लिये चलाये जा रहे जागरूकता अभियान के तहत टीम केबीसी ने इस सप्ताह में गांव राखोता, खोकियाका, जैनपुर, आलुका, जनाचौली, घर्रोट, रीबड, जोरखेडा, मिंडकोला एवं मंदोरी में किसान गोष्ठी की। गोष्ठी में किसानों को मनोहर लाल शर्मा कृषि विशेषज्ञ ने फलवाले पौधे लगाने  व रखरखाव के बारे  में किसानों को जागरूक किया। शर्मा जी ने खेतों में जो फसल खड़ी है उसके बारे में भी जानकारी दी। डॉ रावत एवं केबीसी संस्था द्वारा पिछले 4-5 साल में कराये गए सामाजिक कार्यों के बारे में लोगों को जानकारी दी। एसजीआई के  राजमोहन, राजेंद्र सिंह, बुधपाल, नरेंद्रमोहन मिश्रा, केबीसी से हुकम सिंह, एडवोकेट विक्रम सिंह, भीम, रविंद्र, तरुण, एडवोकेट राजेश रावत, एडवोकेट  रमेश तंवर,  हुकम सरपंच, राजेश नंबरदार, अजीत सिंह जैंदापुर, गोपाल सरपंच, राकेश, रणधीर, हुकम, तोती, बिजेंद्र अतरचटा, समंदर  राखोता, सुभाष खोकियाका, गिर्राज एडवोकेट आलूका, टेकी नंबरदार जैनपुर, सतीश घर्रोट आदि मौजूद रहे।

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