किसानों के उत्थान में आजीवन लगे रहे स्वामी सहजानंद सरस्वती : रणसिंह मान

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आत्मसम्मान दिवस को लेकर भारी होश, कितलाना टोल पर 60वें दिन भी टोल फ्री
चरखी दादरी:  किसान सभा के संस्थापक स्वामी सहजानंद सरस्वती ने भूमिसुधार के अलावा फसलों के लाभकारी दाम, कर्जा मुक्ति, सिंचाई, पुलिस और पूंजीवादी व्यवस्था के दमन को लेकर लंबा संघर्ष किया था। उनका पूरा जीवन प्रेरणादायक है। यह बात पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयन्ती पर कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के अनिश्चित कालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि किसान सभा के संस्थापक स्वामी सहजानंद सरस्वती के जन्मदिवस संकल्प लेने का दिन है। हमें वर्तमान ऐतिहासिक किसान आंदोलन को मंजिल तक पहुँचाना है, चाहे इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़े।
दादरी के निर्दलीय विधायक और खाप 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कहा कि सरदार अजीत सिंह की जयंती पर मंगलवार को मनाए जाने वाले आत्मसम्मान दिवस को लेकर भारी जोश है। कितलाना टोल पर ज्यादा से ज्यादा पहुँचने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन सफलता के नजदीक है। इसलिए थोड़ा और जोर लगाने की जरूरत है। कितलाना टोल पर धरने के 60वें दिन नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, धर्मबीर समसपुर, मास्टर शेर सिंह, गंगाराम श्योराण, मास्टर राजसिंह, सुभाष यादव, रत्तन जिंदल, बीरमति डोहकी ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 24 फरवरी को जनतंत्र बचाओ दिवस, 26 फरवरी को युवा किसान दिवस, 27 फरवरी को संत रविदास जयंती के अवसर पर किसान- मजदूर एकजुटता दिवस मनाया जाएगा।
धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर मजदूर नेता कृष्ण कुंगड़, करतार ग्रेवाल, रणधीर घिकाड़ा, राजकुमार हड़ौदी, कप्तान राजमल, सत्यवान गुलिया, महेंद्र बिधनोई, मास्टर सुनील गोलपुरिया, बलवान कटारिया, निम्बो देवी, रतन्नी देवी, रामफल देशवाल, राजकुमार दलाल, महेंद्र प्रजापति इत्यादि मौजूद थे। आज भी टोल फ्री रहा।

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