अब क्लासरूम में बच्चों को दिया जायेगा ‘मसालों’ का ज्ञान

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New Delhi/Atulya Loktantra : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्टूडेंट्स चाहे साइंस स्ट्रीम में हो, कॉमर्स या वोकेशनल उनकी पढ़ाई में आर्ट्स को जोड़ा जाएगा। सीबीएसई ने निर्देश जारी कर कहा है कि सभी स्कूल पढ़ाई के साथ हफ्ते में दो पीरियड ऑर्ट्स के लिए रिजर्व रखें, ताकि वे किताबी ज्ञान के साथ विश्लेषण भी सीख सकें। इन क्लासों में बच्चों को फसलों के साथ मसालों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही कविता का भाव अमिताभ बच्चन या जेम्स बांड के डॉयलॉग से सीखेंगे।

इसी सत्र से लागू होंगे निर्देश
छठी से आठवीं तक की न केवल छात्राएं बल्कि छात्र भी पाक कला सीखेंगे। सीबीएसई के मुताबिक, कक्षा 1 से 12वीं तक की हर क्लास में अलग-अलग विषयों के दो पीरियड ऑर्ट्स से जोड़कर रिजर्व करें। स्कूल अपने-अपने हिसाब से म्यूजिक, अभिनय या पाक कला में से जोड़ सकते हैं। इससे स्टूडेंट्स को देश के अलग-अलग राज्यों के रहन-सहन, खानपान, गीत-संगीत की जानकारी मिलेगी। सीबीएसई ने स्कूलों को कहा है कि वह शैक्षणिक सत्र 2019-20 से ही इसे अनिवार्य रूप से पढ़ाएं।

स्टूडेंट्स की एनालिटिकल सोच को बढ़ावा देना मकसद
बोर्ड ने कहा है कि स्कूल संगीत, नृत्य, विजुअल आर्ट और थियेटर स्ट्रीम जोड़ें जिसमें कुछ सीखने पर फोकस हो। पाक कला पढ़ाएं जिससे वह पोषक भोजन के महत्व, फसलों, मसालों के उत्पादन की प्रक्रिया को समझेंगे। बोर्ड ने मार्च में शिक्षण में कला शिक्षा को शामिल करने की घोषणा की थी। इससे रिसर्च और एनालिटिकल सोच विकसित करने में मदद मिलेगी। थ्योरी, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट वर्क पढ़ाई में शामिल होगा।