अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

14

New Delhi/Atulya Loktantra : जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने वाली राष्ट्रपति की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है. सेना और सरकार के पूर्व आला अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर याचिका दाखिल की है. इसे सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई के लिए मेंशन किया जा सकता है. याचिका में पूर्व नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों ने सरकार के इस फैसले को संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ बताया है.

याचिका दाखिल करने वाले लोगों में राधाकुमार शामिल हैं, जिन्हें 2010-2011 में यूपीए सरकार के दौरान गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर की समस्या पर बातचीत करने वाले ग्रुप में शामिल किया था. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हिन्दाल हैदर तैयबजी, इंस्टिट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के पूर्व उप निदेशक और पूर्व एयर वाइस मार्शल कपिल काक, पूर्व मेजर जनरल अशोक कुमार मेहता, पंजाब काडर के पूर्व आईएएस अमिताभ पांडे, पूर्व आईएएस और 2011 में केंद्रीय गृह सचिव पद से रिटायर गोपाल पिल्लई शामिल हैं.

इन याचिकाकर्ताओं की अर्जी अधिवक्ता अर्जुन कृष्णन, कौस्तुभ सिंह और राजलक्ष्मी सिंह ने तैयार की है. जबकि सीनियर एडवोकेट प्रशांत सेन कोर्ट के सामने इनका पक्ष रखेंगे. इन याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अनुच्छेद 370 के कारण ही जम्मू-कश्मीर भारत से जुड़ा है और अब इसे हटाना जम्मू-कश्मीर के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करना है.

दूसरी ओर राज्य में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं. श्रीनगर में आज से स्कूल, लैंडलाइन सुविधाएं फिर से खोल दी गई हैं. करीब 14 दिन बाद घाटी में स्कूल-कॉलेज खुले हैं. ऐसे में एक बार फिर सुरक्षाबलों के लिए शांत माहौल बनाने की चुनौती है. अनुच्छेद 370 कमजोर होने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही कश्मीर में धारा 144 लागू रही.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here