एम्स से रेजिडेंट डॉक्टरों ने एनएमसी बिल के खिलाफ अपनी हड़ताल को वापस लेने का किया ऐलान

New Delhi/Atuly Loktnatra : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल को लेकर पिछले 4 दिन से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद एम्स से रेजिडेंट डॉक्टरों ने एनएमसी बिल के खिलाफ जारी अपनी हड़ताल को वापस लेने का ऐलान कर दिया. अब सोमवार से डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर लौट आएंगे. एनएमसी को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था.

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक के खिलाफ विरोध जताने के लिए देशभर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने हड़ताल किया हुआ था. डॉक्टरों का कहना था कि विधेयक में शामिल किए गए प्रावधानों से नीम-हकीमों को प्रोत्साहन मिलेगा. लोकसभा में पारित किए गए इस विधेयक के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने विरोध प्रदर्शन किया.

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्र्ट्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) सहित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने काले बैज बांधकर प्रदर्शन किया.

आईएमए के महासचिव आर. वी. असोकन का कहना था कि एनएमसी बिल की धारा-32 में आधुनिक चिकित्सा पद्धति का अभ्यास करने के लिए 3.5 लाख अयोग्य एवं गैर चिकित्सकों को लाइसेंस देने का प्रावधान है. सामुदायिक स्वास्थ्य प्रदाता शब्द को अस्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जो आधुनिक चिकित्सा से जुड़े किसी व्यक्ति को एनएमसी में पंजीकृत होने और आधुनिक अभ्यास करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की अनुमति देता है.”

उनका कहना था कि इसका मतलब यह होगा कि सभी तरह के पैरामेडिक्स जिसमें फार्मासिस्ट, नर्स, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट इत्यादि आधुनिक चिकित्सा पद्धति का उपयोग करने के साथ ही स्वतंत्र रूप से दवाइयां परामर्श करने के लिए वैध होंगे.”

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