हाथरस घटना पर गोपाल किरन समाजसेवी संस्था द्वारा राष्ट्रपति को ज्ञापन और कैंडल मार्च

0

ग्वालियर ( अतुल्य लोकतंत्र ):  गोपाल किरन समाजसेवीसंस्था,ग्वलियर द्वारा कैंडल मार्च कर हाथरस में एक दलित बिटिया मनीषा बाल्मीकि के साथ जिस तरह से बलात्कार की घटना कारित हुई, और उसके बाद अभी बलरामपुर और आजमगढ़ में भी बालात्कार की घटना सामने आई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की सरकार और उनके अधिकारियो का असंवेदनशील रवैया भी आज हम सबके सामने है, जिसके कारण आज पूरे देश दुनिया मे रोष है,

हाथरस में हुए घटना के आरोपियो को फांसी दे कर महिलाओं को सुरक्षा देने के मांग .हासिये पर स्थित समाज के प्रति देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार कम होने के बजाय बढ़ रहे हैं तमाम प्रयासों के बाद भी अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. हाथरस में उत्तर प्रदेश प्रशासन और शासन का घिनोना चेहरा सबके सामने आ गया है। पीड़ित को इंसाफ दिलाने की बजाय पीड़ित परिवार को प्रताड़ित कर रहा है। जिस तरह मीडिया कर्मियों को पीड़ित परिवार से न मिलने से रोका जा रहा है। इससे साफ जाहिर है अपराधियों बचाने के लिए प्रशासन किसी भी हद तक गिर सकता है। एक लोकतंत्र में इससे भी ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है। यह बात श्रीप्रकाश सिंह निमराजे संस्थापक एवं अध्यक्ष
गोपाल किरन समाजसेवी संस्था,ग्वलियर ने कहते हुए कहा कि यूपी,हाथरस का परिवार खुद को अकेला न समझे। आज पूरा भारत उनके साथ खड़ा है।हम सबका यही मकसद है कि मनीषा,के साथ न्याय होना चाहिए। परिजनों के सारे अधिकारों को कुचल दिया गया है।ये अन्याय है . मनीषा बाल्मीकि के हत्यारों को फांसी दिलाने तथा मनीषा को न्याय दिलाने के लिए समाज के शुभचिंतकों,हितचिंतकों, अनसूचित जाति/ अनसूचित जन जाति / पिछड़ा वर्ग समाज संवेदनशील लोगों को आवाहन किया जाता है कि समाज की आवाज बुलंद करें जिससे मनीषा बाल्मीकि (हाथरस) के दोषियों को सजा दिलाने में कामयाबी हासिल हो. अपराधी की कोई जाति कोई धर्म नहीं होता।अपराधी किसी का सगा नहीं होता इसलिए जाति धर्म संगठन से ऊपर उठकर बेटी मनीषा (हाथरस) एवं बेटी वंदना के लिए न्याय के अनुरोध करते हुए। कहा कि उक्त संगीन मामले में प्रदेश सरकार द्वारा दोषियों पर की गई कार्यवाही नाकाफ़ी और घोर असंतोषजनक है, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को चाहिये कि वो इस मामले में दुष्कर्मियों को कठोरतम सजा दिलाने के साथ ही, पीड़ित महिला के जिम्मेदार दोषी पुलिसकर्मियों पर भी दिखावटी कार्रवाई की बजाय ऐसी सख्त दंडात्मक कार्यवाही करें, जो दूसरों के लिये एक नज़ीर बन सके।

मनीषा बाल्मीक और बलरामपुर की बेटी कु. वंदना को मोमबत्ती जला कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कैंडल मार्च का आयोजन गोपाल किरन समाजसेवी संस्था,ग्वलियर द्वारा निकाला गया. आशा पिप्पल, राधिका सैनी, रीना कुशवाह, सोलंकी,हेमलता ,बबीता, सगुन आदि ऐसी, प्रीति, रेखा बौद्ध, किशन देवी, मुन्नी, संजय मिलन, अर्चना किरार, नरेंद्रगहलोत, निरंजन गोयल, मनोज बौद्ध रोहित, जहाआरा, डॉ. पुरुषोत्तम अर्गल,किशन पंडोरिया, सोलंकी, मनोजबरैया, गौरव, सूरज, रवि, कुसम, सोमलता, ममता, विमलेश अर्गल, आदि ने अपनी सहभागिता करते हुए विचार व्यक्त किये इस अवसर पर विशेष सहयोगी रहे .राधिका सोनी,मार्च सुजाता विहार से ठाठीपुर तक कैंडल मार्च निकाला गया, विभिन्न समाजसेवी संगठनों ने भी भागीदारी की।

अपनी सलाह दे (देश की आवाज)

Please enter your comment!
Please enter your name here