गौ सेवा धाम अस्पताल में गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन

0
Palwal/Atulya Loktantra : हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गऊओं की सुरक्षा के लिए गौवंश संरक्षण व गौ संवर्धन कानून बनाया है तथा साथ ही प्रदेश की सभी गौशालाओं में सरकारी मदद उपलब्ध करवाई गई, ताकि गऊओं की अच्छी प्रकार से देखभाल हो सके। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति अपने सामथ्र्य के अनुसार दान करे तो गऊओं का संरक्षण व संवर्धन आसानी से हो सकता है।
उद्योग मंत्री शुक्रवार को होडल स्थित गौ सेवा धाम अस्पताल में आयोजित गोपाष्टïïमी महोत्सव में लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने गौसेवा धाम को 11 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि गौसेवा धाम अस्पताल में सही मायने में गऊओं की सेवा हो रही है। यहां पर गऊओं का इलाज बेहतरीन तरीके से करने के बाद उन्हें गऊशालाओं में भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि कई बार गाय पॉलीथिन आदि कचरा खा जाती हैं, ऐसे में सही इलाज न होने पर उनकी मृत्यु भी हो जाती है। लेकिन इस अस्पताल में ऐसी गऊओं का इलाज कर पॉलीथिन जैसे कचरा निकाला जाता है, जोकि बहुत ही नेक कार्य है।
उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि इस अस्पताल को हरियाणा सरकार की ओर से करीब एक करोड़ रुपये लागत की अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाई जाए, ताकि गऊओं का इलाज और बेहतर तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि गऊओं की सेवा के लिए ऐसे अस्पताल प्रत्येक 50 किलोमीटर के दायरे में होने चाहिए, ताकि गऊओं का समय पर उचित इलाज हो सके। इस अवसर पर देवी चित्रलेखा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पांच वर्ष 2 माह की अल्प आयु में ही गऊ चराने का कार्य शुरू किया था। उन्होंने कहा कि वेदों-पुराणों में गोमाता की महिमा का विस्तृत विवरण मिलता है, जिसमें गौपाष्टïमी पर्व के महत्व के बारे में भी बताया गया है। उन्होंने कहा कि आज हम अज्ञानतावश गोपाष्टïमी पर्व के महत्व को भूल रहे हैं।
गऊ सेवा को सबसे बड़ी सेवा माना गया है। इसलिए हर व्यक्ति को गौ संरक्षण व गौ संवर्धन में अपना विशेष सहयोग करना चाहिए। इससे पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष जवाहर ङ्क्षसह सौरोत ने भी गौमाता की सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर 52 पालों के सरदार अरूण जेलदार, सुंदर पांचाल, होडल मार्किट कमेटी के चेयरमैन जगमोहन गोयल, अनुसूचित मोर्चा भाजपा के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार, रूपचंद शर्मा, केशवदेव सहित क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण मौजूद थे।

अपनी सलाह दे (देश की आवाज)

Please enter your comment!
Please enter your name here