श्रीमद भागवत में कृष्ण सुदामा की मित्रता से मंत्र मुग्ध हुए श्रद्धालु 

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Faridabad/Atulyaloktantra News  : सेक्टर-9 में पवन बजाज, सलोचना बजाज एवं समस्त बजाज द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा में प्रसिद्ध संत श्री महामंडलेश्वर कृष्णा स्वामी जी महाराज ने अपने प्रवचनो से श्रृद्धालुओं को मंत्र मुग्ध किया।
संत कृष्ण स्वामी कृष्ण कुटी वृन्दावन से आए। आज कृष्ण सुदामा की मित्रता का वर्णन श्रीमद भागवत कथा में बहुत ही सुंदर तरीके से किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने 161०8 विवाह किये है। 161०5 विवाह कन्याओ की इच्छा से एवं दो विवाह कन्या के पिता द्वारा किये गये एवं एक विवाह स्वयं की इच्छा से करते है।
आठ पटरानियां है शरीर में आठ अंग प्रकृति से प्रााप्त है यदि श्री कृष्ण के प्रति समर्पित हो जाये तो कृष्ण की प्राप्ति हो जाती है। वृद्धि-मन-चित-वाणी-श्रवण-नयन-कर्म-काया ये आठ प्रधान रानिया है।  शेेष 161०० शरीर की भावनाएं है। श्रीकृष्ण की प्रााप्ति शरीर की मुक्ति के 3 साधन है।
भक्ति मार्ग, शुभ कर्म एवं शुभ शाश्वत ज्ञान ये तीनो ही मार्ग से प्रभु प्राप्ति होती है। सारे संसार में जो दिख रहा हे वह माया हे एवं जो नही दिखाइ्र देता पर है वही ब्रम्ह है। 33 कोटि देवता है। श्री कृष्ण की भक्ति के समान नहीं है। कृष्ण भक्त कभी कष्ट में आ जाये तो स्वयं कृष्ण कष्ट दूर करने आ जाते है।
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