शिक्षा विभाग ने स्कूलों पर मारा छापा, खुली मिली कॉपी-किताब की दुकान

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Faridabad/Atulya Loktantra : निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत पहले दिन उसने 7 स्कूलों में छापेमारी की। इनमें से 5 स्कूलों में ऊंची दर पर निजी पब्लिशर्स की कापी-किताबें और यूनिफार्म आदि बेची जा रही थीं। 4 अप्रैल को अभिभावक एकता मंच ने इस संबंध में डीईओ को दी शिकायत दी थी। इसके बाद विभाग हरकत में आया और कार्रवाई शुरू की।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरे माह चलेगी। इसमें गुरुवार से हर दिन कम से कम 10 स्कूलों की जांच की जाएगी। इस दौरान स्कूलों में सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड की ओर से जारी गाइड लाइंस को देखा जाएगा। यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजकर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभियान के पहले दिन कॉपी-किताब बेच रहे पांचों स्कूल को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। लेकिन गुरुवार से चलने वाले अभियान में जो स्कूल नियमों की अवहेलना करते पाए जाएंगे उनकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेज दी जाएगी।

जिले में 80 के आसपास सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। जबकि 350 के आसपास हरियाणा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। अभिभावक एकता मंच के अनुसार यहां नर्सरी, केजी की कॉपी-किताबों का सेट 2500, क्लास 1 से 2 का 3500, क्लास 3 से 5 का 4500, क्लास 66 से 8 का 5500 और क्लास 9 से 12 तक का 6500 रुपए में बेचे जा रहे हैं। यहां तक कि जो स्कूल अपने यहां नहीं बेचते वह चिन्हित दुकानों से ही यह सेट खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करते हैं। जबकि यही सेट बाजार से लेने पर आधे पैसे में मिल जाते हैं। लिहाजा 3 अप्रैल को मंच ने जिला शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में शिकायत की थी। अधिकारियों का कहना है कि उसी शिकायत के आधार पर कुछ दिन पहले एक ई-मेल आईडी जारी की गई। इस पर अभिभावकों से शिकायत करने की अपील की गई। साथ ही कहा गया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गुप्त रखी जाएगी। इस मेल पर कई स्कूलों के खिलाफ विभाग को अभिभावकों की शिकायतें मिली। इसके बाद यह कार्रवाई शुरू की गई।

छापे की शिक्षा निदेशालय को विभाग भेजेगा रिपोर्ट, वहां से होगी कार्रवाई
– इस तरह से शिक्षा विभाग की टीम ने की छापेमारी
टीम में शामिल एक शख्स स्कूल में पहुंचकर वहां बच्चे का दाखिला या फिर किताब खरीदने की बात करता है। इसके बाद जैसे ही स्कूल का स्टाफ उस शख्स को बुक स्टॉल या दाखिला संबंधित जरूरी बात बताते हुए बुक स्टॉल पर पहुंचाता है पीछे खड़ी डीईओ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच जाती हैं और कार्रवाई शुरू कर देती हैं। इसी तरह से मंगलवार को 5 स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की कॉपी-किताबें और यूनिफार्म बेचते हुए स्कूलों को पकड़ा गया।

– अब एक दिन में 10 स्कूल कवर
गुरुवार से कम से कम 10 स्कूलों की चेकिंग के लिए टारगेट रखा गया है। टारगेट को गुप्त रखा जाएगा और किन-किन स्कूलों में छापेमारी होगी, यह निर्णय रास्ते में ही लिया जाएगा। जिससे कोई स्कूल को खबर न कर सके। इस कार्रवाई की वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी। साथ ही फोटो भी लिए जाएंगे। इसके लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। शिकायत के आधार पर टीम जांच कर रही है।

– हर दिन भेजी जाएगी रिपोर्ट
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार छापेमारी की रिपोर्ट हर दिन शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में सारी डिटेल होगी और जो स्कूल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। मुख्यालय की तरफ से ही कार्रवाई की रूपरेखा तैयार होगी। अधिकारी बताते हैं कि इसमें स्कूल की मान्यता भी रद्द करने की मांग की जाएगी।

– माफ करने पर उठ रहा सवाल
अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा के अनुसार जांच के दौरान स्कूलों के अंदर कॉपी-किताब बेचने वाले स्कूलों को माफ करना कोई औचित्य नहीं है। इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सांठगांठ का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत मुख्यालय से की जाएगी।

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