लालू प्रसाद यादव की रिहाई कहीं बिहार राजनीति के समीकरण न बदल दे

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New Delhi/Atulya Loktantra News : चारा घोटाले में चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद को रांची की सीबीआई कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी। सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव को आज जमानत मिल गई है।

चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को जमानत दे दी। मगर, अभी उनकी रिहाई नहीं हो पाएगी। जब तक चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

दरसल, लालू ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि इस मामले में उन्होंने आधी सजा काट ली है। इस आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिए।

लालू के पक्ष के अधिवक्ता ने क्या कहा
लालू की तरफ से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि लालू प्रसाद को अब तक सभी मामले में आधी सजा काटने पर जमानत दी गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी आधी सजा काटने पर जमानत देने का प्रावधान किया है। इस कारण इसका लाभ लालू प्रसाद को भी मिलना चाहिए। अदालत को बताया गया कि उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है। वह डायबिटिज, हृदय रोग, किडनीऔर कई बीमारियों से ग्रसित हैं। बढ़ती उम्र और बीमारियों को देखते हुए भी उन्हें जमानत प्रदान किया जाना चाहिए।

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिहाज से लालू यादव की जमानत को काफी अहम माना जा रहा था। मगर दुमका मामले में सुनवाई लंबित है, जिस वजह से उन्हें रिया नहीं किया जा सकता। फिलहाल लालू यादव का रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं। लालू प्रसाद यादव के बाहर निकलने से बिहार की राजनीति का समीकरण बदल सकता है।

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