जानिए, दिल्ली में कहां-कहां से शुरू होगी किसानों की ट्रैक्टर रैली

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New Delhi/Atulya Loktantra : अब ये तय है कि राजधानी दिल्ली की सड़क पर किसानों की ट्रैक्टर दौड़ेगी और वो भी गणतंत्र के महापर्व के दिन. किसान तैयार हैं. ट्रैक्टर की टंकी फूल है. पुलिस अलर्ट है. गाइडलाइन जारी कर दी गई. किसानों की ट्रैक्टर रैली का खाका खींचा जा चुका है. पुलिस ने किसानों को चौहदी बता दी. कहां तक ट्रैक्टर जाएंगे? किन रास्तों पर चलेंगे? कहां नहीं चलेंगे?

किसानों और पुलिस के बीच ट्रैक्टर रैली को लेकर जो रूट फाइनल हुआ है. वो मुख्यत तीन है.

1. सिंघु बॉर्डर से केएमपी एक्सप्रेसवे तक मार्च
पुलिस के मुताबिक, पहले रूट में किसान सिंघु बॉर्डर से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए कंजावला, बवाना और चंडी बॉर्डर को पार कर केएमपी एक्सप्रेसवे पर जाएंगे और वापस सिंघु बॉर्डर लौट आएंगे. ये 62 से 63 किलोमीटर का चक्कर होगा.

2. टिकरी बॉर्डर से वेस्टर्न पेरीफैरियल एक्सप्रेसवे तक मार्च
दूसरे रूट की बात करें तो टिकरी बॉर्डर से नागलोई, नजफगढ़ और जाड़ौदा होते हुए वेस्टर्न पेरीफैरियल एक्सप्रेसवे तक पहुंचेंगे. ये रूट भी 63 किलोमीटर का होगा.

3. गाजीपुर बॉर्डर से करनाल जीटी एक्सप्रेसवे तक मार्च
तीसरे रूट में गाजीपुर से 56 फूट रूट- अप्सरा बॉर्डर, हापुड़ रोड से केजीटी एक्सप्रेसवे तक जाएंगे. ये रूट करीब 46 किलोमीटर का होगा.

ड्रोन से होगी ट्रैक्टर रैली की निगरानी
दिल्ली पुलिस को शक है कि किसानों की ट्रैक्टर रैली में गड़बड़ी फैलाने की साजिश रची जा रही है और इसका ब्लू प्रिंट सीमा पार पाकिस्तान में तैयार हुआ है. ऐसे में पुलिस ने तय किया है कि ट्रैक्टर रैली पूरी निगरानी में होगी. ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल होगा. सादे लिबास में पुलिस किसान रैली पर कड़ी नजर रखेंगे.

लाखों में पहुंच सकती है ट्रैक्टर की संख्या
उधर किसान संगठन ट्रैक्टर रैली की कामयाबी के लिए कमर कसे हुए हैं. हजारों की तादाद में ट्रैक्टर दिल्ली कूच कर गए हैं. पंजाब और हरियाणा की हाईवे ट्रैक्टर से पटे पड़े हैं. संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है. आंकड़ा हजारों में नहीं अब लाखों में पहुंचने का अनुमान है. हर कोई 25 जनवरी तकदिल्ली बॉर्डर पहुंचने की कोशिश कर रहा है..

किसानों की ट्रैक्टर रैली शक्ति प्रदर्शन तो है ही, साथ ये सरकार को संदेश भी है, लेकिन ये भी समझना होगा कि किसान दिल्ली कूच से आंदोलन में बेशक जोश बढ़ा रहे हों लेकिन गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक साथ दो-दो बड़ा आयोजन संभालना किसी बड़े इम्तिहान से कम नहीं होगा.

 

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