हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट सप्लायर की वेबसाइट हैक

0

New Delhi/Atulya Loktantra : हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (hsrp) आपूर्तिकर्ता ‘रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम्स’ की वेबसाइट बुधवार को हैक हो गई जिसके बाद करीब पांच घंटे के लिए नंबर प्लेट और रंगीन कोड स्टीकर की बुकिंग का काम ठप हो गया। कंपनी के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि वेबसाइट सुबह करीब 10.50 बजे हैक हुई और शाम को जा कर समस्या समाप्त हुई। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा में मामला दर्ज कराया गया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने मंगलवार को बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट और रंगीन कोड स्टीकर वाले 239 वाहन मालिकों को चालान जारी किया था।

दिल्ली में जरूरी है हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट
दिल्ली में वाहन मालिकों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट जरूरी है। अगर आपकी कार या दोपहिया पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) और रंगीन स्टीकर नहीं है तो आपका चालान कट सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने इसे लेकर सख्ती शुरू कर दी है। नियम के अनुसार ऐसे वाहनों का 5500 रुपये का चालान काटा जाएगा। यह एचएसआरपी और रंगीन स्टीकर दोनों मामले में लागू होगा। यानी अगर एचएसआरपी और रंगीन स्टीकर दोनों नहीं हैं तो कुल मिलाकर 11 हजार का चालान कटेगा।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन विभाग को गाडि़यों पर एचएसआरपी और रंगीन स्टीकर लगाना अनिवार्य करने का आदेश दिया था। कई बार डेडलाइन बढ़ने के बाद अब इसे मंगलवार से लागू कर दिया गया है। फिलहाल चार पहिया वाहन चालकों पर ही कार्रवाई होगी।

इन वाहनों को मिलेगी छूट
विभाग के अनुसार मंगलवार से नंबर प्लेट को लेकर नियम अनिवार्य कर दिए गए हैं। हालांकि वे लोग जिन्होंने एचएसआरपी और रंगीन स्टीकर लगवाने के लिए आवेदन किया है, तो उनका चालान नहीं होगा। उन्हें आवेदन वाली स्लिप दिखानी होगी। दूसरे राज्यों के पंजीकृत वाहनों को भी इस अभियान में शामिल नहीं किया गया है। यानि आपका नंबर यदि यूपी और हरियाणा का है तो आपको भी इस नियम से छूट मिलेगी।

आपकी गाड़ी के लिए कौन सा स्टीकर
तय नियम के अनुसार हल्के नीले रंग का स्टीकर पेट्रोल तथा सीएनजी वाहनों के लिए है, जबकि डीजल गाडि़यों पर नारंगी रंग का स्टीकर लगाया जाना है। इसका मकसद यह है कि डीजल की कारों को दूर से ही पहचाना जा सके। इन स्टीकर के लिए भी आपको अप्लाई करना होगा। होलोग्राम लगे यही स्टीकर ही वैध माने जाएंगे।

2012 से शुरू हुई थी प्रक्रिया
दिल्ली में 2012 से एचएसआरपी लगाई जा रही है, लेकिन रंगीन स्टीकर 2 अक्टूबर, 2018 से सभी नई गाडि़यां में लगाया जा रहा है। इस हिसाब से यह सभी कारों में लगाया जाना है, जबकि एचएसआरपी 2012 से पहले की कारों व दो पहिया वाहनों में लगाई जानी है।

अपनी सलाह दे (देश की आवाज)

Please enter your comment!
Please enter your name here