Vayu Gunvatta: दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना हुआ मुश्किल, प्रदूशित शहरों में पहले नंबर पर रहा गाजियाबाद

Vayu Gunvatta: दिवाली में जलाए गए पटाखोंं और पराली के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर की हवा (Delhi-NCR Ki Hawa) में सांस लेना जोखिम भरा हो गया है। इन शहरों की हवा दमघोंटू होती जा रही है। गाजियाबाद में तो लगातार हवा की क्वालिटी (Hawa Ki Quality) गंभीर श्रेणी में दर्ज की जा रही है। कल यानी बुधवार को देश के 141 प्रदूषित शहरों की लिस्ट (Most Polluted Cities In India List) में पहले नंबर पर गाजियाबाद (Ghaziabad) रहा। बीते दिन गाजियाबाद का एक्यूआई (Ghaziabad Ka AQI) 428 रहा। इसके अलावा दिल्ली में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। 10 नवंबर को दिल्ली (Delhi Ka AQI) का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 372 रहा।

इसके साथ ही कई अन्य शहरों में हालात गंभीर बने हुए हैं। इस बीच अगले दो दिन हवा के बिगड़ने का अनुमान है। ऐसा कहा जा रहा है कि 13 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में एयर क्लालिटी बेहतर हो सकती है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी सफर (SAFAR) का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में लगातार पराली जलाई जा रही है, जिसके चलते हवा की गुणवत्ता बिगड़ रही है। बीते 24 घंटे में ही 5317 पराली जलाई गई हैं, जिससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 की प्रदूषण में 27 फीसदी हिस्सेदारी रही।

बताया गया है कि हवा की दिशा उत्तर पश्चिम बनी हुई है और रफ्तार हल्की है। जिसके चलते दिल्ली एनसीआर में पराली का कम धुओं पहुंचा है। SAFAR ने बताया कि अब अगले दो दिनों में हवा की रफ्तार में तेजी आएगी और पराली का धुओं दिल्ली एनसीआर की ओर बढ़ने लगेगा, जिससे वायु गुणवत्ता बिगड़ेगी। साथ ही दिल्ली एनसीआर पर इस दौरान प्रदूषण छाया रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर का AQI

शहरएयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI)
गाजियाबाद428
दिल्ली372
फरीदाबाद380
गुरुग्राम340
नोएडा374
ग्रेटर नोएडा378
बुलंदशहर409
हापुड़412
पानीपत417

वायु गुणवत्ता सूचकांक

201 से 300 का मतलब खराब

300 से 400 बेहद खराब

401-500 गंभीर

500 से ऊपर हो तो गंभीरतम या आपातकालीन स्थिति

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